Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से

हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से

कुमार महेंद्र
राष्ट्र रक्षा सेवा जीवन ध्येय,
हर सांस अंतर भारती वंदन ।
कदम चाल शौर्य शक्ति_पुंज,
रग रग जोश उत्साह स्पंदन ।
अष्ट प्रहर सजग सीमा सुरक्षा,
चित्त सराबोर देश प्रेम_मद से ।
हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से ।।


कर्तव्य परायण शिष्ट छवि,
दिनचर्या चुस्ती फुर्ती सराबोर ।
ज्ञान ध्यान संस्कृति संस्कार,
ओजस्वी भविष्य प्रेरक भोर ।
हृदय बिंदु इतिहास पैनोरमा,
प्रेरणा साहसी वृतांत वद से ।
हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से ।।


मातृभूमि सेवा हित तत्पर,
निशि दिन वंदनीय प्रयास ।
निहार तिरंगी गौरव पताका,
हिय हिलोर उमंग उल्लास ।
नाप भांप शत्रु रणनीतियां,
विजयश्री प्रहार जद से ।
हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से ।।


मात पिता भार्या संतति सहन,
अथाह क्रंदन विछोह वेदना ।
अश्रुरित मित्र मंडली परिवेश,
जन्म धरा पटल नव चेतना ।
कोटि कोटि साष्टांग नमन,
सदा स्तुति देव तुल्य पद से ।
हिमालय भी छोटा लगता,एक शहीद के कद से ।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ