रण के प्रण में,सदा विजयी कण कण
कुमार महेंद्रधरा अंतर सौंधी सुगंध,
अनंत स्नेह प्रेम वंदन ।
मोहक रंग बिरंगी संस्कृति,
रग रग अपनत्व स्पंदन ।
मातृभूमि रक्षा जीवन ध्येय,
शीर्ष तिरंगी आन क्षण_क्षण।
रण के प्रण में,सदा विजयी कण कण ।।
अदम्य साहस शौर्य गाथा,
स्वर्णिम रक्तिम इतिहास ।
प्राचीन विरासत छटा अद्भुत,
साक्षी संघर्ष विजय उल्लास ।
रज रज महके हल्दीघाटी सौरभ,
वंदित प्रताप स्वाभिमान मन_मन ।
रण के प्रण में,सदा विजयी कण कण ।।
सर्वत्र नैसर्गिक मनोरमा,
पुलकित प्रफुल्लित हर भोर ।
अभाव संग भव्य मुस्कान,
परिवेश लोक राग रंग सराबोर ।
देख अरावली मस्त यौवन,
आह्लादित रेगिस्तान,तृण_तृण ।
रण के प्रण में,सदा विजयी कण कण ।।
शुद्ध सात्विक जीवन शैली,
मर्यादा संस्कार अनुपालन ।
परा परंपरा अमूल्य विरासत,
घट घट आत्मीयता बिछावन ।
जन्म धरा प्रकृति प्राण प्रिय,
अमृता बलिदान प्रेरणा जन_जन ।
रण के प्रण में,सदा विजयी कण कण ।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews