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जीबीएम कॉलेज में "मूल्यों पर चिंतन" विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का हुआ आयोजन

जीबीएम कॉलेज में "मूल्यों पर चिंतन" विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का हुआ आयोजन

  • आत्म विश्लेषण और आत्म चिंतन द्वारा समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करें

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के संरक्षण में आईक्यूएसी एवं दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त संयोजन में मूल्य वर्द्धित पाठ्यक्रम के तहत "मूल्यों पर चिंतन" विषय पर एक दिवसीय विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के संयोजन में दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ जया चौधरी, सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ पूजा राय, डॉ अमृता कुमारी घोष एवं डॉ आशुतोश कुमार पांडेय की संयुक्त सहभागिता रही। डॉ जया चौधरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने जीवन विद्या प्रबोधक आचार्य नवीन का स्वागत करते हुए व्याख्यान का उद्देश्य संबंधपूर्वक जीवन जीने की कला सिखलाना बतलाया। प्रधानाचार्या ने कहा कि हमें आत्म विश्लेषण और आत्म चिंतन द्वारा समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभ्य समाज के निर्माण के लिए नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर सारगर्भित विचार रखे। कहा कि मनुष्यों को मूल्य आधारित ज्ञान द्वारा जागृत करने की जरूरत है, ताकि सह-अस्तित्व में रहा जा सके।


मुख्य वक्ता आचार्य नवीन ने मध्यस्थ दर्शन पर आधारित जीवन विद्या के महत्व पर प्रकाश डाला। मध्यस्थ दर्शन को अस्तित्व-आधारित मानव-केंद्रित चिंतन बतलाते हुए व्यक्ति को मानवता और ज्ञान से युक्त करने की बात कही। आचार्य नवीन ने वस्तु एवं व्यक्ति की कीमत और मूल्य, तथा समझदार और नासमझ के बीच के विभेदों को सोदाहरण समझाया। उन्होंने छात्राओं को अभाव और शिकायत वाली मानसिकता से मुक्त होने की बात कही। व्यवसाय एवं रोजगारपरक शिक्षा के साथ मूल्य आधारित शिक्षा की भी आवश्यकता पर बल दिया। मानव की स्वयं के लिए एवं परिवार, समाज और प्रकृति के लिए उपयोगिता का आशय समझाया। समस्या की जगह समस्या के समाधान को ढूंढने की बात कही। मानव का लक्ष्य तनाव, क्लेश, तथा भय से मुक्ति के साथ प्रकृति में संतुलन बनाए रखना बतलाया।

कार्यक्रम में डॉ सहदेब बाउरी, डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, डॉ पूजा, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ नगमा शादाब, डॉ फरहीन वज़ीरी, डॉ रुखसाना परवीन, डॉ अनामिका कुमारी, प्रीति शेखर, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ प्रमिला कुमारी, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ विजेता लाल, डॉ फातिमा, डॉ दीपिका, डॉ सपना पांडेय, डॉ किरण कुमारी, डॉ वीणा कुमारी, डॉ सीमा कुमारी, डॉ रानी कुमारी, डॉ अमृता कुमारी, अभिषेक कुमार भोलू, रौशन कुमार, शिवानी, वैष्णवी, हर्षिता, काव्या शर्मा सहित सभी विभागों की छात्राओं की उपस्थिति रही। कॉलेज की पीआरओ डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने बताया कि कार्यक्रम में छात्राओं को भावनात्मक आवेगों एवं विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को नियंत्रित एवं संतुलित रखने के महत्त्वपूर्ण उपाय बतलाए गए। जीवन के मूलभूत प्रश्नों पर विचार करने, विचार मंथन द्वारा आत्मशोधन एवं परिमार्जन करने की सलाह दी गई। छात्राओं के साथ प्राध्यापक व प्राध्यापिकाओं ने भी आचार्य नवीन के मूल्य-आधारित वक्तव्यों को ध्यानपूर्वक सुना, समझा, एवं, जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाने के लिए संकल्प लिया।
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