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फांसी के फंदे से,आज़ादी का सिंहनाद

शहीद दिवस - 23 मार्च 2026
(भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की उत्सर्ग वार्षिकी बेला)

फांसी के फंदे से,आज़ादी का सिंहनाद

कुमार महेंद्र
तेईस मार्च उन्नीस सौ एकतीस,
दिवस मनोरमा,पुनीत पावन ।
प्रकृति पटल यौवन उभार,
परिवेश हर्षित मनभावन ।
असीम नमन दिव्य बलिवेदी,
अंतःकरण राष्ट्र-प्रेम निर्बाध ।
फांसी के फंदे से,आज़ादी का सिंहनाद ।।


कदम अभय,आत्मविश्वासी,
हाव-भाव रणबांकुरी।
मातृभूमि छटा मनमोहिनी,
रंग बासंती धुन बांसुरी।
उत्सर्ग उत्कंठा भाव अपार,
कर जन्मभूमि आभार,धन्यवाद ।
फांसी के फंदे से,आज़ादी का सिंहनाद ।।


माँ भारती रज-रज, रग-रग,
जोश, उत्साह, उमंग, उल्लास।
वीर वंदन, अभिनंदन अवसर,
स्वतंत्रता हित सार्थक प्रयास।
हिन्द उत्संग देशभक्ति निर्झर,
चारों ओर स्वाधीनता उन्माद।
फांसी के फंदे से,आज़ादी का सिंहनाद ।।


सर्वत्र महामृत्युंजय मंत्र स्वर,
राष्ट्र-स्वाभिमान रक्षा आह्वान
सहर्ष वरण अवसान बिंदु,
कामना पुलकित हिंद उड़ान ।
स्मृति बिंदु जननी जन्म-धरा,
फांसी संग प्रणय आह्लाद।
फांसी के फंदे से, आज़ादी का सिंहनाद ।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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