Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

शिखा (चोटी) रखने का प्रमुख वैज्ञानिक कारण

शिखा (चोटी) रखने का प्रमुख वैज्ञानिक कारण

आनन्द हठीला
शिखा (चोटी) रखने का प्रमुख वैज्ञानिक कारण यह है कि सिर के शिखा स्थान के ठीक नीचे सुषुम्ना नाड़ी होती है, जो कपाल तंत्र की अन्य खुली जगहों की तुलना में अत्यंत संवेदनशील होती है। इस स्थान को ढकने से वातावरण से ऊष्मा और ब्रह्मांडीय विद्युत-चुंबकीय तरंगों का मस्तिष्क के साथ असंतुलित आदान-प्रदान रुक जाता है, जिससे मस्तिष्क का तापमान संतुलित रहता है।

मस्तिष्क के संतुलन और नियंत्रण में शिखा का महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि यह स्थान बौद्धिक क्षमता, मन और शरीर के सभी अंगों को नियंत्रित करता है। शिखा के कसकर बंधने से इस स्थान पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है और सहस्त्रार चक्र जागृत रहता है।
यह स्थान ‘अधिपति मर्म’ कहलाता है, जहां सभी नाड़ियां मिलती हैं, और शिखा इसे चोट, सर्दी और गर्मी से कवच की तरह सुरक्षा प्रदान करती है।

पूजा-पाठ के समय शिखा बांधने से मस्तिष्क में संकलित ऊर्जा बाहर नहीं निकलती, जिससे मानसिक शक्तियां और स्मरण शक्ति बढ़ती है।शिखा का आकार गाय के खुर के बराबर होना चाहिए, ताकि यह मस्तुलिंग (मस्तिष्क का केंद्र) को गर्मी प्रदान कर सके, जबकि मस्तिष्क को ठंडक की आवश्यकता होती है।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ