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निराला निकेतन में ‘महावाणी स्मरण सह काव्य गोष्ठी’ का आयोजन, हर माह 5 तारीख को कार्यक्रम करने का प्रस्ताव पारित

निराला निकेतन में ‘महावाणी स्मरण सह काव्य गोष्ठी’ का आयोजन, हर माह 5 तारीख को कार्यक्रम करने का प्रस्ताव पारित

पटना।
महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के आवास निराला निकेतन स्थित प्रतिमास्थल पर रविवार को ‘महावाणी स्मरण सह काव्य गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के अनेक कवि-साहित्यकारों ने भाग लेकर अपनी रचनाओं का पाठ किया तथा आचार्य श्री की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

आज की काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री न्यास के सक्रिय सदस्य डॉ. हरि किशोर प्रसाद सिंह ने की, जबकि न्यास की सचिव डॉ. रश्मि मिश्रा भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान साहित्यकारों के बीच यह प्रस्ताव रखा गया कि चूँकि आचार्य श्री का जन्मदिन 5 फरवरी को हुआ था, इसलिए प्रत्येक माह की 5 तारीख को ‘महावाणी स्मरण सह काव्य गोष्ठी’ का आयोजन किया जाए। इस प्रस्ताव को उपस्थित सभी कवि-साहित्यकारों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
इसके उपरांत काव्य गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता सह कवि दीनबंधु आजाद ने किया। गोष्ठी में वरिष्ठ कवि प्रमोद नारायण मिश्र ने “मेरे जीवन के ग़म को मिटा दीजिएगा” कविता का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया। कवयित्री रेखा शर्मा ने “आओ तुम्हें परिचय क्या दूँ, क्या नारी की शान है” शीर्षक से नारी-गौरव पर आधारित रचना प्रस्तुत की।

वरिष्ठ कवि अंजनी कुमार पाठक ने “कठिन दौर जब भी आता है, मानवता का बोध करा जाता है” के माध्यम से मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरि किशोर प्रसाद सिंह ने अपनी रचना “बीचे डगरिया से फेल डगरिया” का पाठ किया। वहीं वरिष्ठ कवि सत्येंद्र कुमार ‘सत्येन’ ने “नीको ना लगे तोहर बान” तथा वरिष्ठ कवि अशोक भारती ने “कुछ पल के लिए तेरा मिलना तो क्या मिलना” सुनाकर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे दीनबंधु आजाद ने “पलक झुकाकर सलाम करते हैं, दिल की दुआ आपके नाम करते हैं” कविता सुनाई। वरिष्ठ कवि अरुण कुमार ‘तुलसी’ ने “स्नेह ज्यो रहे प्रज्वलित” के माध्यम से प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।

न्यास की सचिव डॉ. रश्मि मिश्रा ने आचार्य श्री की प्रसिद्ध पंक्तियाँ “रेत पर जो लिख रहा है मैं, धार उसको मेट देगी” का पाठ कर उनकी स्मृति को नमन किया।

कार्यक्रम के अंत में नागरिक मोर्चा के महासचिव मोहन सिन्हा ने सभी उपस्थित कवि-साहित्यकारों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।अगर आप चाहें तो मैं इसे और भी अख़बार-स्तरीय “प्रेस रिलीज़ / समाचार एजेंसी स्टाइल” में हेडिंग, सब-हेडिंग और डेटलाइन के साथ भी तैयार कर सकता हूँ, जैसा आमतौर पर Divya Rashmi News में प्रकाशित होता है।
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