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बेटी की विदाई

बेटी की विदाई

संजय जैन
बेटी तू मेरी प्यारी
और सबकी है दुलारी।
बस भूल नही तुम जाना
अब जाके हमें सुसराल में..।।


कुल की तू लाज बाचना
अपनों का साथ निभाना।
दादा-दादी नाना-नानी का भी
तुम नाम रोशन करना।
ऐसा ही आशीर्वाद हम..
देते है अब तुझको।
बस भूल नही तुम जाना
अब जाके हमें सुसराल में..।।


घर में जब से तू आई
सुख शांति वैभव लाई।
घर में फिर लक्ष्मी की
कमी कभी न आई।
इसलिए सब कहते है..
घर की लक्ष्मी तुझको।
पर अब छोड़कर हमको
तू जा रहे सुसराल में।।
बस भूल नही तुम जाना
अब जाके हमें सुसराल में..।।


घर आंगन होगा सूना-सूना
गूंजेगी नही अब गलियाँ।
सूना-सूना हो जायेगा
अब भाईं बहिन का कमरा।
माँ बेटी की प्यारी बातें..
नही मिलेगी अब सुनने।
फिर तुझको याद करके
खो जायेंगें यादों में ।।
बस भूल नही तुम जाना
अब जाके हमें सुसराल में..।
बेटी तू मेरी प्यारी
और सबकी है दुलारी।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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