Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

समर्पण दिवस पर भाजपा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन को बताया मार्गदर्शक

समर्पण दिवस पर भाजपा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन को बताया मार्गदर्शक

पटना, 11 फरवरी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मंगलवार को बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और प्रखर राष्ट्र चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करने के लिए आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, संगठन महामंत्री भिखू भाई दालसानिया, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें बहुत सम्मान दिया और उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

राष्ट्रसेवा और समर्पण का अनुपम आदर्श : संजय सरावगी


प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन देश की सेवा, संगठन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा, “आज हम उस महान व्यक्ति की पुण्यतिथि मना रहे हैं जिन्होंने अंतिम व्यक्ति के उत्थान की कल्पना की और देश के निर्माण का सपना देखा। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें देश की सेवा, समर्पण और देश को सबसे पहले रखने की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प लेना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का ‘अंत्योदय दर्शन’ समाज के सबसे पीछे खड़े व्यक्ति के लिए एक रास्ता दिखाता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच को आगे बढ़ाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी कर रही है।

एकात्म मानव दर्शन सदैव प्रासंगिक : सम्राट चौधरी

उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जब भी मानवता के कल्याण की बात होगी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन सदैव प्रासंगिक रहेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में एक नेता को कैसा होना चाहिए, लोकतंत्र और मूल्यों को किस प्रकार जीना चाहिए, इसका जीवंत उदाहरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय हैं।

सम्राट चौधरी के अनुसार, उनके विचार-दर्शन का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े व्यक्ति को आगे बढ़ाना है, जिससे हम एक समरस और आत्मनिर्भर समाज बना सकें। उनका मानना है कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना है। सम्राट चौधरी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति का सही अर्थ समाज सेवा है, न कि केवल पद प्राप्त करना।

सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक : विजय कुमार सिन्हा

विजय कुमार सिन्हा एक ऐसा नाम है जो सार्वजनिक जीवन में शुचिता और ईमानदारी के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। उनकी कहानी एक प्रेरणा है कि कैसे एक व्यक्ति अपने जीवन को समर्पित करके और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

विजय कुमार सिन्हा का जीवन एक मिसाल है कि कैसे एक व्यक्ति अपने कार्यों और व्यवहार से दूसरों के लिए एक आदर्श बन सकता है। उनकी शुचिता और नैतिकता ने उन्हें एक ऐसा दर्जा दिलाया है जो बहुत कम लोगों को मिलता है।

उनकी यह यात्रा आसान नहीं रही होगी, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहने का संकल्प लिया। विजय कुमार सिन्हा की कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपने सिद्धांतों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए और हमेशा सही रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए।

आज के समय में, जब समाज में भ्रष्टाचार और अनैतिकता की बढ़ती समस्या देखी जा रही है, विजय कुमार सिन्हा जैसे व्यक्ति एक आशा की किरण हैं। उनकी शुचिता और ईमानदारी हमें यह याद दिलाती है कि अभी भी ऐसे लोग हैं जो समाज को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

विजय कुमार सिन्हा की कहानी से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम भी अपने जीवन में शुचिता और ईमानदारी को अपना सकते हैं और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उनकी यह यात्रा एक प्रेरणा है और हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने जीवन में क्या बदलाव ला सकते हैं ताकि हम भी समाज के लिए एक अच्छे नागरिक बन सकें।

विजय कुमार सिन्हा का जीवन एक मिसाल है जो हमें यह सिखाता है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपने सिद्धांतों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए और हमेशा सही रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उनकी शुचिता और ईमानदारी एक प्रेरणा है और हमें यह याद दिलाती है कि अभी भी ऐसे लोग हैं जो समाज को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के एक प्रमुख नेता थे। वह 1953 से 1968 तक इस पद पर रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक गंभीर दार्शनिक थे, जो गहराई से सोचते थे और संगठन के लिए समर्पित थे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और सम्मान के उच्च मानक बनाए।

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्टी के विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके विचार मानवता के हित में शासन के तरीकों को बेहतर बनाने का एक व्यापक और वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। यह दृष्टिकोण जीवन के हर पहलू को ध्यान में रखता है और एक संतुलित जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक दर्शन न केवल एक विचार है, बल्कि यह एक जीवनशैली है जो मानवता की भलाई को बढ़ावा देती है।

बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की सहभागिता

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव, शंकर प्रसाद सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी उपस्थित थे। इसके अलावा, विधायक जीवेश मिश्रा, रोहित पांडे, त्रिविक्रम नारायण सिंह ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू और अमृता भूषण राठौर भी मौजूद थे। कई अन्य विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता भी इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू थे, जबकि संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने किया।

दीनदयाल उपाध्याय पार्क में भी अर्पित की श्रद्धांजलि

पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पटना के राजेंद्र नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क गए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और उनको सम्मान दिया। इस मौके पर बहुत सारे पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

‘समर्पण दिवस’ के रूप में मनाई गई इस पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं ने संकल्प दोहराया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ