श्रीरामचरितमानस,मोक्ष प्राप्ति का द्वार
कुमार महेन्द्रराम भक्ति जीवंत रसायन,
आस्था विश्वास शिखर ज्योत ।
वंदन स्तुति परम सौभाग्य,
पठन चिंतन अनन्य आनंद श्रोत ।
दिशाभ्रमित जनमानस हेतु,
प्रशस्त आदर्श मर्यादामय संसार ।
श्रीरामचरितमानस,मोक्ष प्राप्ति का द्वार ।।
मानस प्रभा अद्भुत मनोरम,
स्पर्श सानिध्य पारस रूप ।
शब्द अर्थ भाव मधुर मृदुल,
हर मनुज तुलसी सम प्रतिरूप ।
दुःख कष्ट पीड़ा पाप हरण,
शीर्ष सेतु अगम निगम सार ।
श्रीरामचरितमानस,मोक्ष प्राप्ति का द्वार ।।
पूर्ण लौकिक अलौकिक कामनाएं,
समस्त समस्या मूल समाधान ।
हृदय_पटल सद्भाव_निर्झर,
धर्म कर्म संग राघव आह्वान ।
पुनीत_पावन अंतःकरण_बिंदु,
सरित स्नेह प्रेम अमृत धार ।
श्रीरामचरितमानस,मोक्ष प्राप्ति का द्वार ।।
शोभा उपमा रघुवर महाग्रंथ,
रघुकुल इतिहास अलंकरण ।
मां पार्वती शिव शंकर वंदन,
ज्ञान दीप्ति हरिहर अवतरण ।
साक्षात दर्शन राम सिया हनुमंत,
कल्प वृक्ष सदृश महिमा अपरंपार ।
श्रीरामचरितमानस,मोक्ष प्राप्ति का द्वार ।।
कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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