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युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम सफल, बिहार और उत्तराखंड के युवाओं के बीच बढ़ा सांस्कृतिक संवाद

युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम सफल, बिहार और उत्तराखंड के युवाओं के बीच बढ़ा सांस्कृतिक संवाद

पटना।
'मेरा युवा भारत' बिहार द्वारा आयोजित युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड से आए युवाओं के एक समूह ने पटना, नालंदा और राजगीर का दौरा कर बिहार की संस्कृति, सभ्यता, जीवनशैली और खान-पान को करीब से जाना।

कार्यक्रम के अंतिम समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के निदेशक डॉ. अनूप दास उपस्थित थे। उन्होंने युवाओं को प्राकृतिक और जैविक खेती के महत्व के बारे में बताया और कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए हमें पारंपरिक और जैविक खेती की ओर लौटना चाहिए। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम एक पेड़ लगाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

गांधीवादी विचारक और प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक प्रेम जी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं में हर समस्या का समाधान है। ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “भिन्नता में एकता भारत की पहचान है, और गंगा-जमुनी संस्कृति हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"

कार्यक्रम में भाग लेने वाली हरिद्वार की अंजली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वह बिहार आने के लिए निकली थीं, तब उनके परिवार वाले चिंतित थे, लेकिन पांच दिनों के प्रवास के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि बिहार और यहां के लोग बहुत सहयोगी और आत्मीय हैं, जिससे उनके मन में इस राज्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है।

'मेरा युवा भारत' बिहार के राज्य निदेशक सूर्यकांत कुमार ने बताया कि युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से परिचित कराना है। इससे युवाओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलती है।

समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आपदा समन्वयक प्रियंका कुमारी, लेखा पाल केदारनाथ सिंह, चन्द्रशेखर पांडेय, मिश्री लाल, रणधीर कुमार और रवि प्रकाश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि युवाओं के बीच आपसी समझ, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करने में सफल रहा।

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