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संत शिरोमणि रविदास भारत के मुकुटमणि हैं : डॉ. विवेकानंद मिश्र

संत शिरोमणि रविदास भारत के मुकुटमणि हैं : डॉ. विवेकानंद मिश्र
गोल बगीचा (नगर संवाददाता)।
भारतीय समाज की सनातन परंपरा में महापुरुषों के विचार सदियों से जनचेतना को दिशा देते रहे हैं। संत शिरोमणि रविदास ऐसे ही महान संत थे, जिनका चिंतन सद्भाव, समरसता और मानवता पर आधारित था। यह बातें कौटिल्य मंच एवं भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र ने कहीं। वे गोल बगीचा स्थित हरि अनंत सेवाधाम के प्रांगण में भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच द्वारा आयोजित संत शिरोमणि रविदास जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. मिश्र ने कहा कि संत रविदास का चरित्र और दर्शन उस सनातन संस्कृति को व्यक्ति की चेतना में जागृत करता है, जो भारतीयता का प्राणतत्व है। उन्होंने संत रविदास को “भारत के मुकुटमणि” की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका दर्शन पूर्णतः मानवतावादी था और आज के सामाजिक वातावरण में भी उतना ही प्रासंगिक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौटिल्य मंच एवं महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आचार्य सच्चिदानंद मिश्र ने कहा कि संत रविदास अपने समय की राज्य व्यवस्था के लिए भारतीय समाज को एक आदर्श शासन प्रणाली की ओर प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध वचन—
“छोट बड़ सभ सम बसै, रविदास रहे प्रसन्न”
का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समतामूलक समाज की अवधारणा का उद्घोष है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद याहिया खान ने कहा कि संत रविदास के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक आश्रम सक्रिय हैं, जो मानवता की भलाई के लिए सही मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
समाजसेवी जगन गिरी ने कहा कि संत रविदास उन विरले संतों में थे, जो लोक और परलोक दोनों की चिंता आत्मा की गहराइयों से करते थे। उन्होंने पराधीनता को पाप की संज्ञा दी और आत्मसम्मान तथा स्वतंत्रता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जीएस रामचंद्र दास, सिद्धार्थ कुमार, प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. शशि यादव, वेद प्रकाश, मुकेश पांडे, राजेश कुमार, विपिन कुमार, मृदुला मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, राम भजन दास, डॉ. रविंद्र कुमार, अधिवक्ता मनोज कुमार विश्वकर्मा, रमाशंकर मिश्रा, गणेश मिश्रा, डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्रा, नौरंगी दास, पूनम सिन्हा, सरवन कुमार, सोना दास, कइल दास, उपेंद्र प्रसाद सिंह, दीपक पाठक, फूल कुमारी, भूखन दास, सुरेश प्रजापति, डॉ. गोपी, नीलम कुमारी, प्रो. अशोक कुमार, मनीष कुमार, डिंपल कुमारी, बेबी कुमारी, नसीम आलम, अमरनाथ पांडे, दिलीप कुमार, शीतल कुमारी, निरंजन प्रसाद, विश्वजीत चक्रवर्ती, दिव्यांशु मिश्रा, अभय पाठक, डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्र, कविता राउत, पूजा कुमारी, किरण पाठक, रंजना पांडे, नेहा पाठक, अनामिका पांडे, रीता पाठक एवं राजेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह का समापन संत रविदास के विचारों को जीवन में आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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