Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार

(मां शाकंभरी प्राकट्य दिवस _2026)

मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार

कुमार महेंद्र
सुरम्य अरावली वादियों मध्य,
मात शाकंभरी पावन धाम ।
स्थापना युधिष्ठिर कर कमल,
विक्रम संवत 749 श्रेय नाम ।
पौष पूर्णिमा प्राकट्य बेला,
शुभ मंगल दर्शन जयकार ।
मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार ।।


मंदिर छटा अद्भुत अनुपम,
रज रज देवत्व परम स्पंदन ।
धर्म आस्था आह्लाद शीर्ष,
जीवन सुरभित सम चंदन ।
धन्य धान्य कृपालु मातु श्री,
वर वृष्टि हरित पोषण शाकाहार ।
मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार ।।


ब्राह्मणी रूद्राणी दर्शन रूप,
इतिहास शाक ओतप्रोत ।
देवयुग अकाल परिस्थिति,
मां आशीर्वाद आहार श्रोत ।
अन्य किंवदंती साधना प्रतिफल,
सर्व मनोकामनाएं सहज साकार ।
मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार ।।


अवस्थित सीकर सकराय ग्राम,
उदयपुरवाटी समीपस्थ स्थान ।
राष्ट्र प्रमुख सिद्ध शक्ति पीठ ,
खंडेलवाल वैश्य कुलदेवी शान ।
कोटि कोटि धोक मां श्री चरण,
कामना सुख समृद्धि वैभव अपार ।
मां शाकंभरी की महिमा अपरंपार ।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ