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खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग

खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग

कुमार महेन्द्र
वर्तमान विज्ञान प्रगति प्रयास,
मनुज दिव्यता प्रतिस्थापन ।
यंत्रवत परिवर्तन उपमा,
तीव्र शुद्ध कार्य निष्पादन ।
कम समय अधिकतम काज,
सकारात्मक प्रयोग मानव कंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।


जॉन मैकार्थी प्रतिपादक ,
उन्नीस सौ छप्पन अमेरिका ।
स्वदेश प्रणेता राज रेड्डी,
विज्ञान वरदान स्वरिका ।
स्नेहिल कदम आलोक पथ,
समस्या हल सह उत्साह उमंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।


सतत सीमित स्मृति मन सिद्धांत,
आत्म जागरूक अनूप चार प्रकार ।
प्रश्न समझ अधिग्रहण अन्वेषण,
प्रस्तुति मूल्यांकन चरण आधार ।
न्यून श्रम दक्षता अभिवृद्धि,
मानव सेवा परम भाव उत्संग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।


नीरसता श्रृंगार सरस रूप,
काम काज सक्रियता दर्शन ।
औद्योगिक क्रांति कल्पनातीत,
अद्यतन प्रौद्योगिकी आनंद स्पर्शन ।
चिकित्सा अभियांत्रिकी शिक्षा क्षेत्र,
मनोरंजन बिंदु सम मस्त मलंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।


मनुज आविर्भाव अद्भुत,
कृत्रिम बुद्धिमत्ता छद्म रूप ।
भावनाहीन संश्लेषण विश्लेषण,
वैचारिक शून्यता प्रतिरूप ।
नियोजन अवसर संकुचन,
विलुप्त संवेदना पुरुषार्थ मंद ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।


कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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