खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग
कुमार महेन्द्रवर्तमान विज्ञान प्रगति प्रयास,
मनुज दिव्यता प्रतिस्थापन ।
यंत्रवत परिवर्तन उपमा,
तीव्र शुद्ध कार्य निष्पादन ।
कम समय अधिकतम काज,
सकारात्मक प्रयोग मानव कंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।
जॉन मैकार्थी प्रतिपादक ,
उन्नीस सौ छप्पन अमेरिका ।
स्वदेश प्रणेता राज रेड्डी,
विज्ञान वरदान स्वरिका ।
स्नेहिल कदम आलोक पथ,
समस्या हल सह उत्साह उमंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।
सतत सीमित स्मृति मन सिद्धांत,
आत्म जागरूक अनूप चार प्रकार ।
प्रश्न समझ अधिग्रहण अन्वेषण,
प्रस्तुति मूल्यांकन चरण आधार ।
न्यून श्रम दक्षता अभिवृद्धि,
मानव सेवा परम भाव उत्संग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।
नीरसता श्रृंगार सरस रूप,
काम काज सक्रियता दर्शन ।
औद्योगिक क्रांति कल्पनातीत,
अद्यतन प्रौद्योगिकी आनंद स्पर्शन ।
चिकित्सा अभियांत्रिकी शिक्षा क्षेत्र,
मनोरंजन बिंदु सम मस्त मलंग ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।
मनुज आविर्भाव अद्भुत,
कृत्रिम बुद्धिमत्ता छद्म रूप ।
भावनाहीन संश्लेषण विश्लेषण,
वैचारिक शून्यता प्रतिरूप ।
नियोजन अवसर संकुचन,
विलुप्त संवेदना पुरुषार्थ मंद ।
खुशियों के रंग,कृत्रिम मेघा के संग ।।
कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com