भूमि सुधार में जमीनी बदलाव का संकल्प, फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई : विजय कुमार सिन्हा

- ज्ञान भवन में भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला का शुभारंभ, 100 दिन की कार्ययोजना पर विशेष जोर
पटना।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आयोजित “भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला” का भव्य शुभारंभ आज ज्ञान भवन के ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने दो टूक शब्दों में कहा कि “जो भी पदाधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतेंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अभी भी 31 दिसंबर 2025 तक का समय है—सुधर जाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई तय है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यशाला केवल औपचारिक भाषणों के लिए नहीं, बल्कि भूमि सुधार व्यवस्था में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। जनता को समयबद्ध सेवा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फर्जी दस्तावेज़ पर मुकदमा, दोषियों पर सख्त धाराएं
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फर्जी कागजात के आधार पर दाखिल–खारिज या अन्य भूमि मामलों में आवेदन करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए। इस प्रक्रिया में भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अपर समाहर्ता एवं विभागीय कानूनी सलाहकारों का समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न सके।
100 दिन की कार्ययोजना, समयबद्ध निपटारा अनिवार्य
उन्होंने बताया कि जमीनी सुधार के लिए 100 दिन की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत जिलों में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।
दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस एवं अभियान बसेरा–2 से जुड़े मामलों का समयसीमा के भीतर निष्पादन विभाग की पहली प्राथमिकता होगी। अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित रखने या खारिज करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। नए वर्ष में प्रमंडलवार समीक्षा भी की जाएगी।
ईमानदार अधिकारियों को सम्मान, अनैतिक तत्वों पर उड़नदस्ता
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नियमसंगत, पारदर्शी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
वहीं, अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता गठित किया जा रहा है, जो औचक निरीक्षण कर दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
सभी अंचलों में शिकायत पेटी लगाने तथा अंचलाधिकारी द्वारा स्वयं शिकायतों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए। सुनवाई न होने की स्थिति में क्रमशः भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अपर समाहर्ता, समाहर्ता एवं प्रमंडलीय आयुक्त तक शिकायत ले जाने की व्यवस्था बताई गई। अंतिम विकल्प के रूप में ही मुख्यालय स्तर पर मामला पहुंचे।
गरीब, किसान और वंचितों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं
भूमि विवाद मामलों पर विशेष जोर देते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि शनिवार को गंभीरता से शिकायतों की सुनवाई हो। पुलिस सहयोग न मिलने पर पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गरीब, वंचित, किसान और अनुसूचित वर्गों को सही काम में परेशान करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।”
अभियान बसेरा–2 को फिर मिलेगी गति
उपमुख्यमंत्री ने अभियान बसेरा–2 को पुनः अभियान मोड में चलाकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया और इसे सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम का संचालन एवं उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक श्रीमती मोना झा ने किया, जबकि स्वागत भाषण सचिव श्री जय सिंह ने दिया।
इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल, सचिव श्री गोपाल मीणा, विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह, सचिव सह चकबंदी निदेशक श्री राकेश कुमार, भू-अर्जन निदेशक श्री कमलेश कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में बिहार के सभी अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उपसमाहर्ता एवं अंचलाधिकारी मौजूद रहे।
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