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शादी ब्याह का...

शादी ब्याह का...

शादी ब्याह के मौसम में
कल मुझे भी मौका मिला।
एक मित्र के बेटी की
शादी में जाने का।
नई पीढ़ी की शादी देखकर
दिल दिमाग के तार हिल गये।
सच कहे तो जन्नत के
मानो आज दर्शन हो गये।।

समय ने जो करवट ली है
और परिधानों ने होड़ लगा दी।
घराती और बराती में भी देखो
सजने सभारने की होड़ लगी दी।
क्या बूढ़ा क्या जवान
सब ने गजब की जोड़ी बना ली।
और आनंद की अभूति भी
सबकी बहुत ही बड़ा दी।।

हर चीज का एक महौल
घराती बरातीयों ने बना दिया।
सच कहें तो स्वर्ग जैसा
वातावरण शादी का बना दिया।
आज का महौल देखकर
दिल दिमाग ख़ुशी से झूम उठा।
और पुरानी रीति रिवाजों का
नये के साथ मिश्रण हो गया।।
शादी ब्याह का मौसम देखो
आज बहुत रंगीन हो गया।।

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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