यात्रा का आनंद

यात्रा का आनंद

सफर में आनंद आता है
जब मिले है अच्छे लोग।
तो मस्ती से कट जाता
अपनी यात्रा का दौर।
बातो ही बातो का
जहाँ चलता रहता है दौर।
कोई जोक सुनता है
तो कोई गीत गाता है।।


सभी के आनंद लेने का
अलग अंदाज होता है।
कोई भागीदार होते है
तो कोई श्रोता होते है।
भागीदार सभी बनते है
हर जाती धर्म के लोग।
तभी तो मौज मस्ती से
गुजर जाता है ये वक्त।।


उतरते जाते है यात्री
अपनी मंजिल आने पर।
नये यात्री जोड़ जाते है
उतरने वाले की जगह।
वो भी हिल मिल जाते है
चलती हुई मंडली में।
और अपनी यात्रा का
वो भी आनंद लेते है।।


जय जिनेंद्र संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ