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राम मंदिर और हिन्दुत्व

राम मंदिर और हिन्दुत्व

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
आजकल देश में हिन्दू और हिन्दुत्व की चर्चा कुछ ज्यादा ही हो रही है। राजस्थान में राहुल गांधी ने इसकी चर्चा की तो नागपुर में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष रवीन्द्र नारायण सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर को हिन्दुत्व से जोड़ा। श्री सिंह ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को वेटिकन सिटी और मक्का की तरह विकसित किया जाएगा। इससे यह हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उभरेगा। वेटिकन सिटी रोमन कैथोलिक चर्च का मुख्यालय है जबकि मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। मुझे लगता है कि अयोध्या का राम मंदिर इन दोनों स्थलों से वहीं ज्यादा गरिमामय है। मक्का में सिर्फ मुसलमान जाते हैं और वेटिकन सिटी में सिर्फ ईसाई जबकि अयोध्या का राम मंदिर पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करता है। यह भारतीयत्व का प्रतीक है। हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की बात पर गौर करें कि भारतीयत्व और हिन्दुत्व एक ही हैं तो विहिप के अध्यक्ष की मंशा को समझा जा सकता है। राम मंदिर के द्वार हिन्दुओं, मुसलमानों और सभी धर्मों के अनुयायिओं के लिए खुले हैं। भारत विविधता में एकता को देखता है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अध्यक्ष रबींद्र नारायण सिंह ने गत दिनों कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को वेटिकन सिटी और मक्का की तरह विकसित किया जाएगा और वह हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उभरेगा। सिंह महाराष्ट्र के नागपुर में धंतोली क्षेत्र में विश्व हिंदू जनकल्याण परिषद के विदर्भ क्षेत्र के कार्यालय निर्माण के भूमि पूजन समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। उन्होंने विहिप पदाधिकारियों और संतों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को वेटिकन सिटी (रोमन कैथोलिक चर्च का मुख्यालय) और मक्का (इस्लाम का सबसे पवित्र शहर) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. वह हिंदुत्व का प्रतीक बनेगा.” पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने भारत में धर्मांतरण के उद्देश्य से विदेशी निधि पर शिकंजा कसने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की सराहना की. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से राष्ट्र की सेवा में हिंदुओं के साथ शामिल होने की अपील की. सिंह ने कहा, “हिंदुओं की सोच है कि उनके साथ कुछ नहीं होगा. हम इस मानसिकता के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।”

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन उधर, कहते हैं कि राम मंदिर आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम से बड़ा था. सुरेंद्र जैन ने कहा 1947 में भारत को अपनी राजनीति आजादी मिली थी लेकिन राम मंदिर के आंदोलन से हमें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी मिली है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर ने राम राज्य के युग की यात्रा शुरू कर दी थी और मंदिर के निर्माण के बाद भारत की किस्मत बेहतर होगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान सदी भगवान राम की है. दान अभियान ने पूरे देश को एक करने का काम किया है और इसने साबित कर दिया है कि राम ही राष्ट्र को एकजुट कर सकते हैं. सुरेंद्र जैन ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने हिंदू समाज को जागृत करने का काम किया और ये हिंदुओं के लिए आत्म-साक्षात्कार का क्षण बन गया. उन्होंने कहा कि जो लोग कह रहे थे कि हिंदुत्व की भावना खत्म हो रही है, उनकी शंकाओं का जवाब राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे से मिल गया है। राम मंदिर आंदोलन हिंदू समाज की आत्म-साक्षात्कार है. इसने हिंदू समाज को जगाया है।

अब हम संक्षिप्त रूप से वेटिकन सिटी और मक्का के बारे में भी जान लें। वेटिकन सिटी एक प्रकार से, रोम नगर का एक छोटा सा भाग है। इसमें सेंट पीटर गिरजाघर, वैटिकन प्रासादसमूह, वैटिकन बाग तथा कई अन्य गिरजाघर सम्मिलित हैं। सन् 1929 में एक सन्धि के अनुसार इसे स्वतन्त्र राज्य स्वीकार किया गया। इस राज्य के अधिकारी, 45 करोड़ 60 लाख रोमन कैथोलिक धर्मावलम्बियों से पूजित, पोप हैं।वैटिकन का इतिहास कैथोलिक चर्च की सीट के रूप में चैथे शताब्दी में रोम में सेंट पीटर की कब्र के आधार पर एक बेसिल का निर्माण होने से शुरु हुआ था। यह क्षेत्र लोकप्रिय तीर्थ स्थल और वाणिज्यिक जिले के रूप में विकसित हुआ, हालांकि 1309 में पोप की अदालत में फ्रांस ले जाने के पश्चात इसे स्थगित कर दिया गया।

इसके बाद 1377 में चर्च वापस आने के बाद, पोप के विख्यात भवन, सिस्टिन चैपल और न्यू सेंट पीटर का बेसिलिका नगर सीमा के अंदर स्थापित किए गए थे। वेटिकन शहर, 1929 में लेटराइट समझौते पर हस्ताक्षर के साथ एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में अपने वर्तमान स्वरूप में स्थापित किया गया था। वेटिकन को सम्मिलित करने वाले तिबर नदी के पश्चिमी तट पर स्थित क्षेत्र कभी अगर्श वैटीकस के नाम से जाना जाता था। रोमन साम्राज्य के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, यह एक प्रशासनिक क्षेत्र बन गया, जो महंगे विलाओं (घरों) से आबाद था, साथ ही सम्राट कैलीगुला की माँ के बगीचों में बना एक सर्कस भी था।

गौरतलब है कि सन् 64 ई0 में रोम में आग लगने के बाद, सम्राट नीरो ने वेटिकन हिल के आधार पर सेंट पीटर और अन्य ईसाई बलात्कारियों को मार डाला, जहाँ उन्हें एक नेक्रोपोलिस में दफनाया गया था।313 में मिलान के एडिक्ट के साथ ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद , सम्राट कॉन्सटेंटाइन ने 324 में सेंट पीटर के मकबरे के ऊपर एक बेसिलिका का निर्माण शुरू किया। सेंट पीटर बेसिलिका ईसाई तीर्थयात्रियों के लिए एक आध्यात्मिक केंद्र बन गया। इस प्रकार लम्बी विकास की यात्रा जारी है।

उधर, मक्का इस्लामी नगर है जहाँ पर काबा तीर्थ और मस्जिद-अल-हरम (विशाल मस्जिद) स्थित है। मक्का शहर वार्षिक हज तीर्थयात्रा के लिये प्रसिद्ध है जो इस्लाम के पाँच स्तम्भों में से एक है। प्रत्येक वर्ष लगभग 40 लाख हजयात्री मक्का आते हैं। इस्लामी परम्परा के अनुसार मक्का की स्थापना नबी इस्माईल के वंश ने की थी। 7वीं शताब्दी में जब इस्लामी पैगम्बर मुहम्मद ने इस शहर में इस्लाम की घोषणा की तब तक यह शहर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केन्द्र बन चुका था। इस नगर ने इस्लाम के प्रारम्भिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सन 966 से लेकर 1924 तक, मक्का नगर का नेतृत्व स्थानीय शरीफ द्वारा किया जाता था। 1924 में यह शहर सउदी अरब के शासन के अधीन आ गया। आधुनिक काल में, मक्का नगर के आकार और बुनियादी संरचना में एक महान विस्तार देखा गया है। जाहिर है कि वेटिकन सिटी और मक्का से कहीं ज्यादा प्रासंगिकता अयोध्या के राम मंदिर की है और सनातन धर्म की यही विशेषता है। (हिफी)
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