मुलायम की कूटनीति
(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर)
समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की राजनीति समझना आसान नहीं है। याद करिए जब उत्तर प्रदेश मंे योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे। उस समय मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कान में मुलायम सिंह यादव ने कुछ ऐसा कहा था जो पता तो किसी को नहीं चला लेकिन कयास पांच साल तक लगाए जाते रहे। लोगों का मानना है कि मुलायम सिंह यादव के परिवार पर कोई राजनीति विपदा नहीं आयी तो इसके पीछे मुलायम सिंह की वी कान-मंत्रणा थी। अब यूपी मंे फिर विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। अखिलेश यादव ने सशक्त मोर्चा भी बनाया और संयोग देखिए कि सपा के कुछ खास नेताओं के घरों व दफ्तरों पर आयकर (आईटी) के छापे पड़ गये। इसी दौरान श्री मुलायम सिंह की संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात हुई। हालांकि इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है लेकिन राजनीति मंे कोई भी आचार हो, सियासत की चासनी से पगा होता है।
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सरकारी आवास पर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक ही सोफे पर समाजवादी पार्टी के संरक्षक और संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बैठने पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे सपा का संघवाद बताया है।यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से सोमवार की देर रात दोनों नेताओं के साथ वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी पर तंज कसा गया है। ट्वीट में यूपी कांग्रेस ने लिखा है, ‘नई सपा’ में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है? इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस पर शिष्टाचार भूलने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है, राजनीतिक शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही कांग्रेस, उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस?
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग (आईटी आफिस) ने गत 18 दिसम्बर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मैनपुरी और मऊ मंे कुछ नेताओं के घर और कार्यालयों मंे छापे मारे। आयकर विभाग केन्द्र सरकार का एक महत्वपूर्ण और कमाऊ विभाग है। आमदनी पर टैक्स वसूल कर सरकार का खजाना भरता है। संदिग्ध लोगों के घरों, दफ्तरों अथवा उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों मंे छापा डालना उसका नैतिक अधिकार है। कोई जरूरी नहीं कि जहां उसने छापा डाला, वे लोग दोषी ही पाए जाएं क्योंकि आयकर विभाग के पास भी कोई जादू की छड़ी नहीं होती है। यूपी के जिन लोगों के घरों और दफ्तरों पर 18 दिसम्बर को छापे डाले गये, वे समाजवादी पार्टी के नेता हैं और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली यह पार्टी प्रदेश मंे छोटे-छोटे दलों को मिलकर एक सशक्त मोर्चा तैयार कर चुकी है। इस मोर्चे मंे अभी हाल ही अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव भी शामिल हो गये। पश्चिमी यूपी मंे प्रभाव रखने वाले चैधरी जयंत चैधरी भी उनके साथ आ गये। कई अन्य दल भी सपा के गठबंधन से जुड़ने को तैयार बताए जाते हैं। इसलिए माना जाता है कि प्रदेश मंे सत्तारूढ़ भाजपा की मुख्य प्रतिद्वन्द्वी समाजवादी पार्टी ही है। इसलिए आईटी के इस छापे को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि सपा नेता छापे का विरोध क्यों कर रहे हैं? सपा नेता राजीव राय, जिनके यहां छापा डाला गया वे कहते हैं कि 16 घंटे तक उनके परिवार को बंधक बनाया गया और आयकर विभाग वालों को सिर्फ 17 हजार रुपये नकद मिले हैं। राजीव राय को अखिलेश यादव का बहुत निकटतम माना जाता है।
यूपी में समाजवादी पार्टी के नेताओं के घरों पर आयकर विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके बीजेपी पर तंज कसा। अखिलेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर शायराना अंदाज में लिखा, ‘तुलसीदास जी कह गये हैं, ”हित अनहित पशु पक्षी हु जाना।” उन्होंने चुनाव से पहले आयकर विभाग की छापेमारी का एक कार्टून भी पोस्ट किया है, जिससे यूपी चुनाव और आयकर विभाग की टीम का जिक्र किया है। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस की और तंज कसा कि अनुपयोगी सरकार और कर भी क्या सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग मेरा और सपा के अन्य नेताओं के फोन टैप करवा रही है। सपा कार्यालय से जुड़े लोगों के फोन टैप किए जा रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि ये भाजपा की बौखलाहट को दिखाता है। वो जानते हैं कि वो ये चुनाव हारने जा रहे हैं और 2022 में सपा की सरकार आ रही है। ऐसे में वो हर हथकंडा अपना रहे हैं लेकिन मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि समाजवादी विजय रथ रुकने वाला नहीं है। आयकर विभाग ने सपा नेताओं के 12 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इन शहरों में लखनऊ, मैनपुरी, आगरा, मऊ शामिल हैं। लखनऊ में एक साथ तीन ठिकाने पर छापा मारा गया। सभी जगह देर रात तक अफसर दस्तावेजों को खंगालते रहे। विभाग के सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान काफी दस्तावेजों को जब्त किया गया है। आयकर विभाग के निशाने पर आए सभी नेता सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं। अपनी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय और अपने निजी सचिव जैनेंद्र यादव समेत करीबी नेताओं के ठिकानों पर की गई आयकर विभाग की छापेमारी के अगले दिन अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला बोला और उन्हें अनुपयोगी मुख्यमंत्री करार दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अखिलेश के बयानों पर गौर कर रहे थे। गत दिनों वे मथुरा पहुंचे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के बाद ‘जनविश्वास यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल मैं देख रहा था इनकम टैक्स के छापे पड़ रहे थे, तो समाजवादी पार्टी को दर्द हो रहा था। उन्हांेने कहा कि 5 साल में किसी की संपत्ति दो सौ गुना कैसे हो जाती है, ये सब समाजवादी पार्टी की सत्ता में हो सकता था। सीएम योगी ने कहा, भाजपा सरकार जब दंगाइयों पर सख्ती करती है तो कांग्रेस, सपा और बसपा को अच्छा नहीं लगता। डबल इंजन की सरकार गरीबों को डबल राशन दे रही है। सभी का विकास कर रही है लेकिन, विपक्ष को विकास अच्छा नहीं लगता है। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले काशी, अयोध्या और मथुरा का नाम लेने से विपक्षी डरते थे। केवल टोपी पहनने की होड़ लगी रहती थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महादेव की पूजा के बाद श्रमिकों का सम्मान किया। दुनिया में भारत का लोहा मनवाया। इससे पहले किसी पीएम ने यह नहीं किया। प्रधानमंत्री स्वच्छता कर्मियों के पैर धोकर सम्मान कर रहे हैं। सीएम ने कहा, जब मथुरा में मांस और मदिरा की दुकानें बंद की गईं, तब विपक्ष को अच्छा नहीं लगा था। मथुरा-वृंदावन के विकास को विपक्ष स्वीकार नहीं करता। मुजफ्फरनगर के दंगाइयों पर जब सरकार कार्रवाई कर रही थी, उन्हें तब भी अच्छा नहीं लगा। सरकार के लिए जनता ही परिवार है। आज यूपी से माफिया-अपराधियों का पलायन हो रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे विकास की रीढ़ बनेगा। मोदी सरकार ने सभी को फ्री वैक्सीन दी, तब भी विपक्ष को अच्छा नहीं लगा। भाजपा ने जो कहा वो करके दिखाया है।
मुलायम सिंह जी जानते हैं कि योगी आदित्यनाथ भाजपा से भी एक हाथ आगे हैं और वे कहते कम करते ज्यादा हैं। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com