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समय है

समय है 

    --- विधुशेखर मिश्र

और तपो सूर्य अभी तपने का समय है
आफ़तें तो आएँगी,पर निखरने का समय है
कौन कहता है ज़िन्दगी आसान है ?
नित्य-प्रति उलझनों से सीखने का समय है।
यहाँ अब हर एक साँस मुश्किल से ली जाती है
ऑक्सीजन का भी आपात हेतु संग्रह का समय है
क्या पता कौन साँस आखिरी बन जाए ?
हर साँस पर हरि - सुमरन का समय है।
यूँ तो लोग अकड़ के साथ जीते हैं ज़िन्दगी
पर अकड़ तो निर्जीव होने की भनक है।
ताउम्र हर किसी को प्यार बाँटते चलो विधु
अभी तो मन के पंछी को चहकने का समय है।
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