भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमंत्रालय द्वारा प्रायोजित एवं समाजिक संस्था पवनसुत सर्वांगीण विकास केंद्र के द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह के छठे दिन पटना के दानापुर एवं मीठापुर बाज़ार में जागरूकता अभियान चलाया गया इस अभियान में संस्था के सचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने कहाकि यहाँ मुझे सबसे ज्यादा नवालिक वाहन चाक दिखाई दे रहें है जो की आम जनता के लिए खतरे की घन्टी है | वैसे तो भारत में गेयरचालित वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस पाने की पाने की उम्र 18 वर्ष तय की गई है। इसके साथ ही 50 सीसी के बिना गेयर वाले वाहनों के लिए यह उम्र 16 वर्ष है परन्तु, इसमें चालक के परिवार द्वारा अनुमति की आवश्यकता होती है। इसी तरह व्यवसायिक वाहन चलाने की उम्र 20 वर्ष तय की गई है। भले ही सरकार द्वारा लाइसेंस के लिए सही उम्र तय की गई हो पर कई लोग सरकारी अधिकारियों से साठगांठ करके और दलालों के माध्यम से कम उम्र में ही वाहन लाइसेंस प्राप्त कर लेते है। जिसके लिए वह अपने उम्र के फर्जी दस्तावेज प्रदान कर देते है, इस तरह के धांधली द्वारा ना सिर्फ वह अपने लिए खतरा उत्पन्न करते हैं बल्कि कि दूसरों के लिए भी काफी खतरा उत्पन्न कर देते है। इसके लिए सरकार को सख्त निर्देश जारी करने चाहिए और लाइसेंस बिना वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है और इसके साथ ही जिन लोगों को लाइसेंस जारी किये जाये उनकी पृष्ठभूमि जांच अवश्य की जानी चाहिए। इसके साथ ही माता पिता को भी उनके बच्चों को बिना लाइसेंस के गाड़ी ना चलाने की शिक्षा दी जानी चाहिए और लोगों का लाइसेंस तभी बनाना चाहिए जब वह ड्राइविंग टेस्ट पास कर ले।लोग गाड़ी चलते वक्त अपना ध्यान इध-उधर रखते है जो भी खतरनाक है | ध्यानपूर्वक गाड़ी ना चलाने के कई कारण है जैसे की गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात करना, गाड़ी चलाते वक्त मैसेज भेजना, साथियों से बात करना, तेज आवाज में गाने बजाना ऐसे कार्य है जो दुर्घटनाओं को बढ़ाते है। आपको यह बात याद रखनी चाहिए की आप सड़क पर अकेले नही है, सड़क पर आपके अलावा कई लोग और जीव-जन्तु है, जोकि आपकी जरा सी लापरवाही के वजह से दुर्घटनाओँ का शिकार हो सकते है क्योंकि मात्र कुछ सेकेंड की लापरवाही आपके लिए घातक सिद्ध हो सकती है। एक अनुमान के अनुसार गाड़ी चलाने के दौरान मैसेज भेजने से दुर्घटना की संभावना 28 गुना बढ़ जाती है। एक ध्यानपूर्वक वाहन ना चलाने वाला चालक अपने साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में डाल देता है।इस तरह को दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे अच्छा उपाय अपनी आदतों में परिवर्तन लाना है जैसे कि गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात या मैसेज ना करना आदि। इसके साथ ही आपको अपने आस-पास के क्षेत्रों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। इसके अलावा प्रशासन द्वारा गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात करने या मैसेज करने वालों पर जुर्मान भी लगाया जाना चाहिए और यदि इसके बाद भी उनमें कोई सुधार ना होतो उन्हें कारावास की सजा के साथ दंडित करना चाहिए। इसके साथ ही ऐसा करने वाले व्यक्तियों को उनके परिवार के द्वारा भी सजग किया जाना चाहिए।





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