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31 वें सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन “सिट बेल्ट / हेलमेट क्यों जरुरी ” विषय पर परिचर्चा से|

31 वें सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन “सिट बेल्ट / हेलमेट क्यों जरुरी ” विषय पर परिचर्चा से|

भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमंत्रालय द्वारा प्रायोजित एवं समाजिक संस्था पवनसुत सर्वांगीण विकास केंद्र के द्वारा आयोजित राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात को सुगम तथा सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ०१  से ०७ दिसम्बर तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया । इस कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान आज पटना के आई एम् ए हाल में आयोजित परिचर्चा में “सिट बेल्ट और हेलमेट क्यों जरुरी” विषय के संदर्भ में व्याख्यान दिया गया। परिचर्चा  का शुभारंभ डॉ चण्डी दत्त प्रभाकर ने दीप प्रज्वलित कर किया उन्हों ने राज्य सड़क सुरक्षा के परिदृश्य के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने राज्य में बढ़ते हुए दुर्घटनाओं तथा मृत्य दर की कमी के लिए समन्वित प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। चार्टर्ड एकाउंटेंट श्री सुभाष कुमार ने बतायाकि सड़क पर चलने के अपने व्यवहार में सुधार तो इसी जन्म में करना होगा , शुरुवात तो करनी ही होगी अन्यथा देर हो जाएगी।सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण सड़क पर लोगों का ब्यवहार तो है ही लेकिन सरकारी एजेंसी जिसकी जिम्मेदारी सड़क निर्माण और मेंटिनेंस है । कहाकि यदि उनकी लापरवाही से सड़क दुर्घटना होती है तो यह तो यह आपराधिक कृत्य है । जनादेश के सम्पादक डॉ पुरुषोतम कुमार ने बतायाकि हर दिन लगभग लगभग 20 लोग भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां देते है। एक नशे धुत व्यक्ति या शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति काफी लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाता है, जिससे कि यह लोग ना सिर्फ वह अपनी बल्की की दूसरों की जान भी खतरें में डाल देते हैं। सड़क पर मात्र एक शराब पीकर मोटरसाइकिल चलाने या पैदल चलने वाला व्यक्ति भी कई सारी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इसके रोकथाम के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा वाहन चालकों की नित्य रुप से निरीक्षण करना चाहिए ताकि पता चल सके की कही कोई व्यक्ति शराब पीकर वाहन तो नही चला रहा है और यदि कोई तय मात्रा से अधिक मात्रा में शराब पीकर गाड़ी चला रहा है तो उससे कड़ाई से पेश आना चाहिए और उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही वर्तमान में तय शराब मानक को और भी कम करने की आवश्यकता है ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओँ में कमी लायी जा सकी।

संस्था के सचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने कहा कि यातायात के नियमों सीट बेल्ट/ हेलमेट का प्रयोग चेकिंग के डर से नहीं अपितु अपनी तथा यातायात करने वाले यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से किया जाए तथा यह भी अनुरोध किया गया कि वाहन संचालन के समय मोबाइल फोन का प्रयोग कदापि न किया जाए।

इस दौरान शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेन्द्र शर्मा ने  सड़क सुरक्षा के अपने अनुभवों को प्रतिभागियों से साझा करते हुए सड़क सुरक्षा के नियमों और इसके अनुपालन के लिए प्रेरित किया ।

कार्यक्रम में जागरूकता अभियान में सम्मिलित प्रतिभागियों उनके वेहतर योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया | जिनमे डॉ चण्डी दत्त प्रभाकर, आराधना न्यूज़ के धीरेन्द्र गुप्ता, सी ए सुभाष कुमार, छात्र आदित्य, अभय , अमित, पत्रकार सिद्धार्थ, सोनू कुमार, इन्द्रदेव , धीरेन्द्र गुप्ता, धर्मेन्द्र कुमार , डॉ राजीव रंजन सिंह, राजीव कुमार “चुन्नू” डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य को सम्मानित किया गया |

परिचर्चा सत्र  में शिवानन्द गिरी, रणविजय सिंह, आशुतोष मिश्र , रिंकू पासवान, ऋतू दुवे,प्रसान्त दुबे, कन्य्हैया कुमार, नरेंद्र कुमार, सुबोध सिंह, पप्पू कुमार, मनीष प्रभाकर आदि  प्रबुद्ध नागरिक के साथ  स्कूली छात्र एवं कई मिडिया हॉउस के प्रतिनिधि उपस्थित थे। दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com

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