हिंदुस्तान है हिन्दी

(हिंदी ग़ज़ल)
अभिमान है हिन्दी स्वाभिमान है हिन्दी।
प्यारी जान है हिन्दी मेरा हिंदुस्तान है हिन्दी।।
जन-जन की भावना है ये पवित्र कामना -
माता के बाद तो यही महान है हिन्दी।।
कहना यही रहना यही सुनना यही पढ़ना यही -
भाव,भेष,भूषा मेरी पहचान है हिन्दी।।
मातृभाषा, राष्ट्रभाषा, राज की भी भाषा -
भारतीयता का अनुपम अवदान है हिन्दी।।
---:भारतका एक ब्राह्मण.
© संजय कुमार मिश्र "अणु"
वलिदाद,अरवल(बिहार)
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