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आर्य समाज ने उठाई अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग

आर्य समाज ने उठाई अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग

ग्रेटर नोएडा। जिस प्रकार असामाजिक तत्व धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों के सुर में सुर मिलकर देश में अस्थिरता फैलाने और हिंदू समाज को जातिवाद के नाम पर बांटने का घृणास्पद खेल-खेल रहे हैं और देश के माहौल को अराजक बना रहे हैं, उसके दृष्टिगत आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुध नगर ने खुले शब्दों में कहा है कि जब सनातन धर्म और राष्ट्र संकट के दौर से गुजर रहे हों या जानबूझकर उसे संकटों में घेरने का काम किया जा रहा हो तब आर्य समाज के लिए राष्ट्रीय प्रथम होता है। ऐसे में आर्य समाज इस समय राष्ट्रपति तत्वों के विरुद्ध अपनी सरकार के साथ खड़ा है। जिला प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार आर्य ने आर्य समाज मुर्शदपुर के प्रधान राजेंद्र सिंह आर्य द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि आर्य समाज के लिए सदा राष्ट्र प्रथम रहा है। हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, परंतु इसके उपरांत भी हम अपने देश और अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। आर्य समाज सनातन की रक्षा के लिए समर्पित रहा है और सनातन के मूल्यों के लिए जो सरकार काम कर रही हो उसका खुला समर्थन करता है।
डीआर आर्य ने कहा कि इस समय भारत को अस्थिर करने के लिए विश्व शक्तियों ने भी हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत पर इसलिए टैरिफ लगा रहा है कि रूस हमको तेल क्यों दे रहा है। चीन हमें 1 मिनट के लिए भी देखने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान वैश्विक मंचों पर हमारे खिलाफ लामबंदी करने का काम करता रहता है। इसी प्रकार कनाडा भारत में खालिस्तानी आतंकवादियों को खुला समर्थन दे रहा है। ऐसे में इन देशों को सनातन प्रेमी मोदी जी की सरकार पसंद नहीं है। इसलिए न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश को अस्थिर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है बल्कि देश के भीतर भी मोदी विरोधी शक्तियों को भी फंडिंग करके देश में अराजकता का माहौल पैदा किया जा रहा है। जिसके खिलाफ सभी राष्ट्रवादी देशभक्त लोगों को खुलकर इन अराजक तत्वों का विरोध करना चाहिए।
भाषा प्रचारिणी सभा के जिलाध्यक्ष ब्रह्मचारी आर्य सागर ने कहा कि हम अपनी सनातन परंपराओं में आस्था रखने वाले प्रत्येक राष्ट्रवादी का साथ देना अपना प्राथमिक कर्तव्य समझते हैं। आर्य समाज का इतिहास क्रांतिकारियों का इतिहास है और हम अपनी क्रांतिकारी परंपरा को आज भी जीवंत बनाकर चलने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी यज्ञ की परंपरा तब तक ही जीवित और जीवंत रह सकती है जब तक केंद्र में सनातन समर्थक सरकार रहेगी। आर्य समाज के इस सरकार से सिद्धांतों पर मतभेद हो सकते हैं परंतु उनका अभिप्राय यह नहीं है कि हम राष्ट्र विरोधी लोगों का समर्थन करें या इस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करें। यदि धर्मनिरपेक्ष लोगों की सरकार केंद्र में आती है तो वह सबसे पहले हमारे यज्ञ और यज्ञ की परंपरा पर ही हमला बोलती है। इसलिए हम सबको एक साथ आना होगा।
इस अवसर पर आचार्य कुंवरपाल शास्त्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों को यज्ञ की परंपरा से जुड़कर और आर्य समाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद के विचारों का अनुकरण करते हुए अपने संपूर्ण दुर्गुण , दुर्व्यसन और दुखों को दूर करने के लिए परमपिता परमेश्वर की आराधना अवश्य करनी चाहिए। जब व्यक्ति के भीतर कोई दुर्गुण और दुर्व्यसन नहीं रहता है और वह दुखों से मुक्त हो जाता है तभी उसके जीवन का कल्याण होना संभव है।
आचार्य विक्रम शास्त्री के सानिध्य में इस यजुर्वेद पारायण यज्ञ का आयोजन किया गया है। उन्होंने भी उपस्थित मातृशक्ति का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि तुम्हारे भीतर मातृत्व का ऐसा गुण है जो राष्ट्र को महान बनाता है। इसलिए अपने संस्कारों पर सदा पवित्र दृष्टि बनाकर रखने की आवश्यकता है। उन्होंने इस यज्ञ में निरंतर तीन दिन तक लोगों का मार्गदर्शन किया और इस बात पर बल दिया कि वेद की शरण में आने से ही जीवन का कल्याण संभव है। आचार्य श्री ने स्वाहा शब्द की भी बहुत ही मनोहारी और वैज्ञानिक व्याख्या कर सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज वेद की आध्यात्मिक परंपरा का संवाहक संगठन है जिसके माध्यम से संसार में व्याप्त अशांति के वातावरण को समाप्त किया जा सकता है। आचार्य श्री ने कहा कि वेद ही केवल एक ऐसा धर्मशास्त्र है जो मनुष्य को मनुष्य बनाने की शिक्षा देता है।
श्री राजेंद्र सिंह आर्य द्वारा उपस्थित आर्य भद्र पुरुषों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया । उन्होंने कहा कि वेद ही हमारी निष्ठा और आस्था के केंद्र होने चाहिए, क्योंकि इनके भीतर ही जीवन को उन्नत बनाने के सूत्र हैं। वेद प्रचारिणी सभा के जिलाध्यक्ष प्रधान विजेंद्र सिंह आर्य,सतीश शास्त्री, रंगीलाल आर्य आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये और सरकार से मांग की कि देश में अराजकता फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष दिवाकर आर्य, रामप्रसाद आर्य, जिला उपाध्यक्ष महावीर सिंह आर्य ,महेंद्र सिंह आर्य, श्रीनिवास आर्य, किसान नेता जयप्रकाश आर्य आदि सहित सैकड़ो आर्यजन उपस्थित रहे।


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