सवर्ण महिला मोर्चा बिहार ने उठाई आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग

- यूजीसी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव की मांग को लेकर पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन
- प्रदेश अध्यक्ष माया श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिलाओं ने कहा-सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक आधार पर भी हो अवसरों का निर्धारण
पटना। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा की महिला इकाई सवर्ण महिला मोर्चा बिहार प्रदेश की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष माया श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान संगठन की महिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, यूजीसी एक्ट को हटाने तथा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव/समाप्ति सहित सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम की शुरुआत पटना के पुनाईचक स्थित यूपीबीसी डोर विंडोज के सभागार में आयोजित बैठक से हुई। बैठक में सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं नीतिगत विषयों पर महिलाओं ने आपस में विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण और सामाजिक अवसरों से जुड़े विषयों पर व्यापक राष्ट्रीय चर्चा की आवश्यकता है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर समान अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद सवर्ण महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन के लिए निकलीं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपने हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां और नारे लेकर अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और समाज के सामने रखना चाहती हैं।
प्रदेश अध्यक्ष माया श्रीवास्तव ने कहा कि संगठन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए समान अवसर की व्यवस्था की मांग कर रहा है। उनके अनुसार आरक्षण तथा सरकारी नीतियों पर चर्चा केवल जातीय आधार तक सीमित न रहकर आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज की महिलाओं को भी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर संगठित होकर लोकतांत्रिक मंच पर अपनी बात रखने की आवश्यकता है।
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी एक्ट को हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संगठन की ओर से शिक्षा व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा से जुड़े नियमों पर भी पुनर्विचार की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर, पारदर्शिता और सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इसके साथ ही प्रदर्शन में एससी-एसटी एक्ट को हटाने अथवा उसमें आवश्यक बदलाव किए जाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी कानून का उद्देश्य नागरिकों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करना होना चाहिए तथा उसके दुरुपयोग की शिकायतों पर भी निष्पक्ष व्यवस्था के माध्यम से विचार किया जाना चाहिए।
महिला मोर्चा की ओर से कहा गया कि संगठन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है। महिलाओं ने कहा कि सवर्ण समाज की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं, युवाओं और परिवारों की समस्याओं को भी सार्वजनिक विमर्श में पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सवर्ण महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। इनमें डा. आरती सुमन चौधरी, रीता झा, सुनीता सिन्हा, कामिनी सिंह, राखी सिंह, संगीता दुबे, वीना पाठक, रीना श्रीवास्तव, नेहा सिंह, रागिनी सिंह, साधना अरुण, सुनीता दास, रिंकू सिन्हा, अर्चना कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, आभा झा, कुसुम सिंह भूमिहार, निधि राजपूत, मीना श्रीवास्तव, वंदना झा और गीता सिन्हा सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं।सवर्ण महिला मोर्चा के इस कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को संगठन ने अपने अधिकारों और सामाजिक मुद्दों को लेकर बढ़ती जागरूकता के रूप में बताया। संगठन की ओर से संकेत दिया गया कि आने वाले दिनों में भी इन मुद्दों को लेकर बैठकें, जनजागरूकता अभियान और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews