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हिन्दी में काम करने से लोगों तक पहुँच और बेहतर होगी - राज्यपाल

हिन्दी में काम करने से लोगों तक पहुँच और बेहतर होगी - राज्यपाल

  • राजभाषा पत्रिका ‘विहार दर्शन’ का राज्यपाल ने किया विमोचन
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर भी पत्रिका की पहुँच बढ़ाने का दिया सुझाव

पटना 22 सितम्बर, 2026:- माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन, पटना में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की राजभाषा पत्रिका ‘विहार दर्शन’ का विमोचन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि राजभाषा पत्रिका ‘विहार दर्शन’ का प्रकाशन हिन्दी को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि बिहार में हिन्दी का व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। इसलिए सरकारी कामकाज में हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग करने से आम लोगों तक पहुँचना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि ‘विहार दर्शन’ को साल में एक या दो बार नियमित रूप से प्रकाशित किया जा सकता है। इससे इसकी पहुँच और प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। पत्रिका को समय के साथ नया रूप देते रहना चाहिए और इसमें नए-नए विषयों को शामिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में हिन्दी में काम करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों की मदद से हिन्दी में लिखने और काम करने में भी सुविधा हुई है।
राज्यपाल ने पत्रिका को डिजिटल प्लेटफाॅर्म और सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज लोग केवल छपी हुई पत्रिकाएँ ही नहीं पढ़ते, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सामग्री देखते और पढ़ते हैं। इसलिए ‘विहार दर्शन’ की ऑनलाइन पहुँच भी बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार में इतिहास और संस्कृति की बहुत समृद्ध विरासत है। पत्रिका में बिहार के इतिहास, संस्कृति, कला, साहित्य और ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी सामग्री को प्रमुखता दी जा सकती है। नालंदा सहित राज्य के अलग-अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के बारे में जानकारी लोगों तक पहुँचाना उपयोगी होगा।
राज्यपाल ने यात्रा से जुड़े अनुभवों और यात्रा-वृत्तांत को भी पत्रिका में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग देश-विदेश में जहाँ भी यात्रा करते हैं, उनके अनुभवों को पत्रिका में जगह देने से इसकी सामग्री और रोचक बनेगी।
उन्होंने कहा कि हर पत्रिका की अपनी एक पहचान होती है। इसलिए ‘विहार दर्शन’ के हर अंक में कुछ नया और अलग देने का प्रयास होना चाहिए, ताकि पाठकों को हर बार नई जानकारी मिले और पत्रिका के अगले अंक का इंतजार रहे।
उन्होंने कहा कि ‘विहार दर्शन’ हिन्दी को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिहार की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और विरासत को देश-दुनिया तक पहुँचाने का एक अच्छा माध्यम बन सकती है।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्रीमती स्वधा रिजवी, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना एवं बिहार लोक भवन के पदाधिकारीगण एवं कर्मीगण एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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