आजादी उपहार नहीं, वीर शहीदों की थाती है
कुमार महेंद्रयह मुक्त गगन, यह मंद पवन,
नहीं किसी की सौगात है।
यह रक्त-सिंचित धरती माँ की,
अजर-अमर विरासत है।
शौर्य-शिखर पर चढ़कर वीरों ने,
हँसकर मृत्यु अपनाई थी।
हँसते-हँसते प्राण लुटाकर,
माँ की लाज बचाई थी।
उनके पावन रक्त-कणों से,
भारत-माँ मुस्काती है।
आजादी उपहार नहीं, वीर शहीदों की थाती है।।
फाँसी के पावन फंदों को,
जिन्होंने हँसकर चूम लिया।
माँ के चरणों में जीवन का,
हर सुख अपना सौंप दिया।
सीने पर गोलियाँ खाकर भी,
जिनके कदम न डोले थे।
माटी के कण-कण में जिनके,
जयघोष अमर बोले थे।
उनके त्याग-सुमन से महकी,
स्वाधीनता की प्रभाती है।
आजादी उपहार नहीं, वीर शहीदों की थाती है।।
यह अमर धरोहर पूर्वजों की,
नस-नस में अंगार भरे।
जब भी भारत पर संकट आए,
वीर-हृदय हुंकार भरे।
तलवारों की तीखी धारों ने,
जिसका गौरव गाया है।
रक्त-बूँद से वीरों ने ही,
आज तिरंगा लहराया है।
माँ भारती के मस्तक पर यह,
चिर-अक्षय ज्योति जलाती है।
आजादी उपहार नहीं, वीर शहीदों की थाती है।।
सौगंध हमें उन वीरों की,
यह मान कभी न घटने देंगे।
माँ भारती की आन-शान पर,
आँच कभी न पड़ने देंगे।
जाति-पंथ के भेद भुलाकर,
राष्ट्र-एकता की ज्योति जलाएँ।
वीरों के सपनों का भारत,
मिलकर नव-वैभव से सजाएँ।
हर पीढ़ी शपथ लेकर आज,
गर्व से राष्ट्र धर्म निभाती है।
आजादी उपहार नहीं, वीर शहीदों की थाती है।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews