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प्रभु श्रीराम पुकारे

प्रभु श्रीराम पुकारे

हृदय नारायण झा
आज अयोध्या के मंदिर के गुंबज से श्रीराम पुकारे
आओ भारत वासी मेरी पुरी में आज पधारो ॥


यहां कोई रोगी दुखी न दीना मेरी अ‌योध्यापुरी यही थी।
आज राम मंदिर है लेकिन कहाँ वो मर्यादा जोयहां थी ।।
कहीं नहीं दिखती मयोदा इसके लिए विचारो....
आओ भारतवासी-


चोरी ठगी कोई भी स्वार्थ नहीं पलता था रामराज्य में।
धुर्त स्थान में स्वार्थ प्रबूल व्यवहार नहीं था रामराज्य में
" कैसे बने अयोध्या वैसी मिलके सभी विचारो -
आओ भरतवासी.....


चंपत को मंदिर में रखकर बड़ी मूल तुमने कर डाली।
चंपत लेकर हो गये चंपत मंदिर में चोरी कर डाली l
मर्यादा का हनन किया है दण्ड विधान विचारो l
आओ भारतवासी……


राजनीति से प्रेरित कोई भक्त नहीं सेवा में आये।
शम यम नियम नहीं है जिसमें वैसा कोई न आये।॥
कौन चुनेगा एसा आओ मिलकर सभी विचारो l
आओ भारतवासी……


धर्म का ऐसा अलख जगाओ राम राज्य आ जाये।
भाव परस्पर शुद्ध बने सब समरसता के भाव में आये ।।
कैसे मर्यादा बचायें मिलकर सभी विचारो l
आओ भारतवासी……


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