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सनातन संस्था की ओर से देशभर में 81 स्थानों पर तथा हाजीपुर में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न!

सनातन संस्था की ओर से देशभर में 81 स्थानों पर तथा हाजीपुर में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न!

  • आगामी भीषण आपत्काल से तरने और ‘रामराज्य’ के लिए साधना का कोई विकल्प नहीं! - सनातन संस्था के गुरुपूर्णिमा महोत्सव में ‘रामराज्य’ स्थापना का उद्घोष
हाजीपुर - ‘‘संपूर्ण विश्व पर मंडरा रहे तीसरे विश्वयुद्ध के संकट, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्राणघातक प्रतिस्पर्धा के कारण समाज में छाई निराशा; ऐसी अत्यंत भीषण और अस्थिर परिस्थिति से समाज को उबारने के लिए अब केवल भौतिक उपाय पर्याप्त नहीं हैं। आज दिशाहीन हुए समाज को एक बार फिर प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर आधारित ‘रामराज्य’ की नितांत आवश्यकता है। परंतु, यह रामराज्य केवल राजनीतिक या भौतिक प्रयासों से साकार नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज को ‘साधना’ और ‘गुरुचरणों’ के सुदृढ़ आध्यात्मिक अधिष्ठान की आवश्यकता है। जब समाज की आध्यात्मिक श्रद्धा प्रत्यक्ष सुशासन में परिवर्तित होती है, तभी सच्चे अर्थों में रामराज्य का उदय होता है,’’ ऐसा ओजस्वी प्रतिपादन सनातन संस्था की श्रीमती सानिका सिंह ने किया ।


सनातन संस्था की ओर से हाजीपुर में अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में आयोजित ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ में वे बोल रही थीं । इस वर्ष संस्था की ओर से मराठी, हिंदी, गुजराती, कन्नड़, अंग्रेजी, तेलुगु, मलयालम आदि विविध भाषाओं में देशभर में 81 स्थानों पर तथा बिहार में हाजीपुर और समस्तीपुर में यह महोत्सव संपन्न हुआ।
आगामी विश्वयुद्ध और आपत्काल की आशंका को देखते हुए, हिंदुओं से प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और स्व-रक्षा प्रशिक्षण लेने का आवाहन संस्था की ओर से किया गया।


अधिवक्ता श्री राजेश चौबे जी ने कहा कि,
राष्ट्र और धर्म सुरक्षित हैं, तो समाज सुरक्षित है और समाज सुरक्षित है, तो व्यक्ति सुरक्षित है ।
इसलिए समाज एवं संस्कृति की सुरक्षा के लिए कम-से-कम एक घंटा राष्ट्र और धर्म के लिए देने का संकल्प करें । घर से बाहर निकलते समय मस्तक पर कुंकुम लगाकर निकलें । फोन पर बात करते समय 'हैलो' के स्थान पर 'नमस्कार', 'हरि ॐ' अथवा 'राधे-राधे' कहें ।


इस महोत्सव के आरंभ में श्री व्यासपूजन और प.पू. भक्तराज महाराज जी का प्रतिमापूजन (गुरुपूजन), सनातन संस्था और संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले जी के कार्य पर आधारित लघुचित्रपट (डॉक्यूमेंट्री), सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले जी के संदेश का वाचन, धर्मरक्षकों और हिंदुनिष्ठों का सत्कार, स्व-रक्षा की आसान पद्धतियों का प्रात्यक्षिक (डेमो), रामराज्य की स्थापना का संकल्प और भावपूर्ण नामजप किया गया। गुरुपूर्णिमा के निमित्त सनातन संस्था की ओर से मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम इन भाषाओं में ‘ऑनलाइन गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ का लाभ देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने लिया।


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