इंसाफ
डॉ. अंकेश कुमारमोहब्बत का रंग बहुत गहरा है,
जीने की राह का रंग बहुत गहरा है।
कोई भूल न हो तुमसे कभी इस पथ पर,
हर हक़ीक़त का रंग बहुत गहरा है।
सोचो किया है क्या ही तुमने अभी तक?
उनके सोचने का ढंग बहुत गहरा है !
किसी की आँख में न आँसू आए कभी,
किसी डगर पर न वो मासूम मुरझाए।
उसकी मुस्कान पर न कोई ग्रहण छाए,
बेतरह किए तुमने कितने ही उपाय !
मगर एक काली भयावह रात भी आती है ,
और इंसानियत को ही निगल जाती है।
सच है कि सच अकेले खड़ा होता है,
सच का रंग वाकई बहुत गहरा होता है।
सच तो सच है, सभी कभी तो मानेंगे ही,
पानी का रंग क्या होता है सब जानेंगे ही।
यूंही कोई इंसानियत पर जब कभी प्रहार करेगा,
फ़िर मजलूमों की खातिर कोई तो हुंकार भरेगा।
संघर्षों में तप कर जो फौलाद हुआ है,
उसके आगे कहां कभी षड्यंत्र टिका है।
श्रम के आगे जीत है किसे नहीं पता है?
श्रम है स्वर्ण, स्वर्ण का रंग बहुत गहरा है।
@ डॉ. अंकेश कुमार
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews