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हे माँ सरस्वती शारदे

हे माँ सरस्वती शारदे

संजय जैन
हे माँ सरस्वती शारदे
मेरी जिहवा पर विराजों।
अज्ञानता को दूर करो
मेरे अवगुणो को विसरा दो।
मैं तो तेरी बेटी हूँ माँ
मुझ पर थोड़ा उपकार करो।
जन चेतना का संचार करो
और आत्म बल को भर दो।।
हे माँ सरस्वती शारदे।।


मेरे रास्ते में बहुत काँटे है
जिनको हे माँ छाँट दो।
बल बुध्दि और ज्ञान दो
मेरी कलम को वरदान दो।
जिससे मैं अच्छा लिखा पाऊँ
लोगों को जगरूप कर पाऊँ।
हे माँ सरस्वती शारदे।।


उपकरो की भावना हो मुझमें
सच्चे मन की कामना हो।
इतने मुझे संस्कार दो
मेरा जीवन सवार दो।
दीनदुखी की सेवा कर पाऊँ
इतना मुझको धन दो तुम।
हे माँ सरस्वती शारदे।।


लोभ माया क्रोध को तुम
मेरे जीवन से दूर करो।
स्नेह प्यार प्रेम त्याग को
मेरे अंदर हे माँ भर दो।
गुरुओं का सम्मान करू
ऐसा मुझको वरदान दो
हे माँ सरस्वती शारदे।।


मेरी विनती मान लो
मुझको थोड़ा ज्ञान दो।
मैं तो तेरी बेटी हूँ
झोली मेरी तुम भर दो।
हे माँ सरस्वती शारदे।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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