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भ्रष्टाचार और अनियमितता पर राजस्व मंत्री का फिर प्रहार, 8 और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई

भ्रष्टाचार और अनियमितता पर राजस्व मंत्री का फिर प्रहार, 8 और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई

  • पिछले एक महीने में 50 अधिकारियों पर गिरी गाज, रिश्वतखोरी, सरकारी भूमि घोटाले और अनियमित दाखिल-खारिज मामलों में सख्त कदम, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई

पटना : राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। विभागीय मामलों की समीक्षा के क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और विभागीय कार्यवाही को स्वीकृति प्रदान की। माननीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सबसे कड़ी कार्रवाई जहानाबाद के रतनीफरीदपुर के तत्कालीन अंचल निरीक्षक रहे संतु कुमार राम के विरुद्ध की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के गंभीर आरोप में उनके पेंशन में शत-प्रतिशत स्थायी कटौती का दंड अधिरोपित किया गया है।
वहीं, रोहतास के करगहर के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी सुरजेश्वर श्रीवास्तव के विरुद्ध बिना सूचना एवं वैध कारण के लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है।
मधेपुरा के मुरलीगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार पर स्थानांतरण के बाद भी बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज वादों का निष्पादन करने के आरोप में द्वितीय कारणपृच्छा अभ्यावेदन की मांग की गई है।
भागलपुर के नारायणपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अजय कुमार सरकार के विरुद्ध दाखिल-खारिज के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में विभागीय कार्यवाही संचालित है। इसी प्रकार रोहतास के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी सीमा रानी के खिलाफ सरकारी भूमि से जुड़े अभिलेखों में जालसाजी कर भूमि के बंदरबांट एवं दाखिल-खारिज से संबंधित गंभीर आरोपों में विभागीय कार्यवाही जारी है।
नालंदा के एकंगरसराय के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी आमोद कुमार तथा बांका के बौंसी के तत्कालीन अंचल अधिकारी विजय कुमार गुप्ता पर एक ही दस्तावेज को पहले अस्वीकृत और बाद में स्वीकृत करने संबंधी अनियमितताओं के आरोप पाए गए। विजय कुमार गुप्ता के विरुद्ध पेंशन में दो वर्षों के लिए 10 प्रतिशत कटौती का दंड अधिरोपित किया गया है, जबकि आमोद कुमार से द्वितीय कारणपृच्छा अभ्यावेदन मांगा गया है।
इसके अतिरिक्त बांका के बेलहर के तत्कालीन अंचल अधिकारी नागेन्द्र प्रसाद के विरुद्ध भी इसी प्रकार के मामलों में आरोप पत्र गठित किया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितता के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।गौरतलब है कि पिछले एक महीने के दौरान राजस्व विभाग में कुल 50 अंचल अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।
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