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आपातकाल के 51 वर्ष: लोकतंत्र सेनानी विजय कुमार सिंह हुए सम्मानित, बोले-"यह सम्मान संविधान और लोकतंत्र के नाम"

आपातकाल के 51 वर्ष: लोकतंत्र सेनानी विजय कुमार सिंह हुए सम्मानित, बोले- "यह सम्मान संविधान और लोकतंत्र के नाम"

पटना, 27 जून। देश में वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत बिहार की राजधानी पटना में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में भाजपा के कुम्हरार विधायक संजय कुमार ने लोकतंत्र सेनानी विजय कुमार सिंह को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय बताया। उनके अनुसार उस दौर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, समाजसेवियों तथा सरकार का विरोध करने वाले अनेक लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में बंद किया गया और नागरिक स्वतंत्रताओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए।

सम्मानित लोकतंत्र सेनानी विजय कुमार सिंह ने अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आपातकाल के समय वे दयानंद विद्यालय, मीठापुर के मैट्रिक के छात्र थे और छात्र आंदोलन से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सरकार की नीतियों के विरोध में सैकड़ों छात्रों के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन किया, जिसके बाद उन्हें मीसा (MISA) के तहत गिरफ्तार कर भागलपुर सेंट्रल जेल की कालकोठरी में रखा गया, जहां उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया।

उन्होंने कहा, "आज मिला यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उन सभी लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान है जिन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। मैं इसे देश के मान, सम्मान और संविधान को समर्पित करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा है और लोकतंत्र को कमजोर करने वाले प्रयासों का समय-समय पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देशभर में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया जा रहा है।यह कार्यक्रम लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्षों को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को संविधान, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
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