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दिहलक उssपगडी निशानी

दिहलक उssपगडी निशानी

©भारतका एक ब्राह्मण.
संजय कुमार मिश्र"अणु"
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चाल मस्तानी शानीss
करे खुब आनाकानीss
कि...‌ओढनी ओढ के नाचल जे sss
दिहलक उssपगडी निशानीsss।टेक।
केकरो बुझाईत नइखे,दुनिया के रहनी,
हम ओतना सुन लेs लीs,जेतना जेs कहनी,
फूलवा से खील जो-
बाकी सब नील जो-
बाद बाकी तोहरे निशानीsss।टेट।
जिधर जिधर देखी हमs तss लउके अंधेरा,
बिगडल समाज साज,साधू लखेरा,
खुदेs एहतराम कर-
खुबेs कोहराम कर-
मिटावे ला सब परेशानीsss।टेक।
मिश्र "अणु" दुनिया देखी,भईले उदास हो,
जब खुद पर भरोसा न त केह पर विश्वास हो,
बिन मरले मार देs-
मातम पसार देs-
हे!मईया वरदानी sss ।टेक।
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वलिदाद,अरवल (बिहार)804402.
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