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AI National Conclave 2026 : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सदुपयोग और जनजागरण पर मंथन

AI National Conclave 2026 : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सदुपयोग और जनजागरण पर मंथन

पटना, 23 मई 2026।रिपोर्ट : विकास कुमार सिंह
राजधानी पटना स्थित Akhil Vishwa Parivar द्वारा ए. एन. कॉलेज के एस. एन. सभागार में शनिवार की शाम 7 बजे भव्य “ए आई नेशनल कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविदों, नीति विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव, उसके सकारात्मक उपयोग, संभावित दुष्प्रभाव तथा समाज में जनजागरण की आवश्यकता पर विमर्श करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में Dev Sanskriti Vishwavidyalaya के प्रतिकुलपति Dr. Chinmay Pandya, Nalanda University के कुलपति Sachin Chaturvedi, अंतरराष्ट्रीय चिंतक Sandeep Waslekar तथा प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार के संचालक Manish Kumar मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने ए आई की वर्तमान भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।

अपने संबोधन में डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह मानव जीवन और व्यवस्थाओं को संचालित करने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में ए आई की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ए आई को केवल रोजगार का साधन न मानकर मानव कल्याण के उपकरण के रूप में विकसित करें।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ संदीप वासलेकर ने कहा कि ए आई का उपयोग और दुरुपयोग दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को बेहतर जानकारी, शोध सामग्री और ज्ञान उपलब्ध हो रहा है, लेकिन गलत सूचनाओं और भ्रम फैलाने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को ए आई के नैतिक उपयोग के लिए वैश्विक मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में ए आई के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और वैज्ञानिक बनाया जा सकता है।

मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद ने अपने संबोधन में Gayatri Pariwar के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे लंबे समय से गायत्री परिवार को जानते हैं और समाज निर्माण के क्षेत्र में संगठन का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज भारत डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है। डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने देश को नई दिशा दी है तथा भारत अब तकनीकी रूप से जागृत राष्ट्र बन चुका है।

उन्होंने कहा कि ए आई के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में देश की जनता को जागरूक करना आवश्यक है। सूचना की शक्ति का उपयोग लोगों को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नवजागरण का समय है और भारत को तकनीक के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने ए आई आधारित नवाचारों, डिजिटल भविष्य और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। कॉन्क्लेव के दौरान युवाओं में तकनीक के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।

अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि ए आई के क्षेत्र में जनजागरण, नैतिक उपयोग और समाजहितकारी तकनीकी विकास के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
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