मुजफ्फरपुर बनेगा वैचारिक महाकुंभ का केंद्र : 30 मई से बिहार राज्य आचार्यकुल का महाअधिवेशन

- बिनोवा भावे के ‘जय जगत’ और ‘ग्राम स्वराज्य’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
मुजफ्फरपुर, 25 मई। बिहार की सांस्कृतिक और साहित्यिक राजधानी मुजफ्फरपुर आगामी 30 एवं 31 मई को एक ऐतिहासिक वैचारिक समागम की साक्षी बनने जा रही है। महान स्वतंत्रता सेनानी, भूदान आंदोलन के प्रणेता तथा संत समाज के प्रेरणास्रोत आचार्य विनोबा भावे के कालजयी विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से “बिहार राज्य आचार्यकुल अधिवेशन – 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय प्रांतीय महाअधिवेशन सरैया गंज स्थित श्री नवयुवक समिति ट्रस्ट के प्रेक्षागृह में आयोजित होगा।
इस वर्ष आयोजित होने वाला यह महाअधिवेशन “जय जगत”, “ग्राम स्वराज्य”, “भूदान”, “नैतिक शिक्षा” तथा “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” जैसे विषयों को केंद्र में रखकर समाज, शिक्षा और संस्कृति के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर व्यापक विमर्श करेगा। आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पुनर्जागरण और सांस्कृतिक चेतना का महाअभियान होगा।
देश-प्रदेश की कई विशिष्ट हस्तियां होंगी शामिल
अधिवेशन की गरिमा को बढ़ाने के लिए देश और राज्य की अनेक प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी उपस्थित रहेंगे। वे ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, पर्यावरण और समाज निर्माण में आचार्यकुल की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।
अधिवेशन के वैचारिक सत्रों की अध्यक्षता और संचालन आचार्यकुल के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —
आचार्य डॉ. धर्मेन्द्र
सत्येन्द्र कुमार पाठक
इन मनीषियों का बौद्धिक उद्बोधन बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले शिक्षकों, आचार्यों, साहित्यकारों और समाजसेवियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
समाज और प्रशासन के शीर्ष प्रतिनिधि करेंगे सहभागिता
अधिवेशन में समाज और शासन-प्रशासन से जुड़े कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। इनमें प्रमुख हैं —
रंजन कुमार — सामाजिक उत्थान और जनभागीदारी पर अपने विचार रखेंगे।
सुब्रत कुमार सेन — प्रशासनिक दृष्टिकोण और ग्राम स्वराज्य की अवधारणा पर प्रकाश डालेंगे।
प्रो. दिनेश चन्द्र राय — नई शिक्षा नीति, नैतिक मूल्यों और शिक्षा के भारतीय स्वरूप पर व्याख्यान देंगे।
निर्मला साहू तथा डॉ. मोनालिसा — नगरीय विकास में संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार रखेंगी।
“यह केवल अधिवेशन नहीं, समाज नव-निर्माण का संकल्प” — डॉ. ऊषा श्रीवास्तव
अधिवेशन की मुख्य सूत्रधार, स्वागताध्यक्ष एवं आयोजिका डॉ. ऊषा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज समाज में नैतिक मूल्यों का तेजी से क्षरण हो रहा है तथा युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कटती जा रही है। ऐसे समय में आचार्य विनोबा भावे का “जय जगत” अर्थात विश्वबंधुत्व और “ग्राम स्वराज्य” का संदेश ही समाज को नई दिशा दे सकता है।
उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि समाज के नव-निर्माण, सांस्कृतिक जागरण और नैतिक चेतना का संकल्प-वर्ष है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण पर होंगे विशेष वैचारिक सत्र
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. अनमोल कुमार ने बताया कि दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर अलग-अलग वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से —
शिक्षा में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना
भारतीय संस्कृति और सभ्यता का संरक्षण
पर्यावरण संरक्षण एवं जल-संरक्षण
समाज में शिक्षकों और आचार्यों की गिरती गरिमा
ग्राम स्वराज्य एवं आत्मनिर्भर भारत
युवा पीढ़ी और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
जैसे ज्वलंत विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि आयोजन समिति इस महाअधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों शिक्षकों, समाजसेवियों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और युवाओं के शामिल होने की संभावना है।
बिहारवासियों से सहभागिता की अपील
डॉ. ऊषा श्रीवास्तव और डॉ. अनमोल कुमार ने संयुक्त रूप से मुजफ्फरपुर सहित पूरे बिहार के प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, विचारकों और समाजसेवियों से इस “वैचारिक महाकुंभ” में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “जय जगत” के संकल्प को साकार करने तथा समाज में नैतिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
कार्यक्रम की प्रमुख जानकारी
आयोजन: बिहार राज्य आचार्यकुल अधिवेशन - 2026
मुख्य विषय: जय जगत, ग्राम स्वराज्य, भूदान, शिक्षा एवं संस्कृति का उत्थान
तिथि: 30 एवं 31 मई 2026 (शनिवार एवं रविवार)
समय: प्रातः 10:00 बजे से निरंतर
स्थान: श्री नवयुवक समिति ट्रस्ट, सरैया गंज, मुजफ्फरपुर।
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