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खरगे के ज़हरीले बयान से कांग्रेस की नफरत वाली राजनीति फिर बेनकाब: दानिश इकबाल

खरगे के ज़हरीले बयान से कांग्रेस की नफरत वाली राजनीति फिर बेनकाब: दानिश इकबाल


  • ‎मल्लिकार्जुन खरगे का विवादित बयान, देश की एकता पर सीधा हमला: दानिश इकबाल
  • कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान 'जिहाद' के समर्थन का पर्याय :दानिश इकबाल
  • भारत के मुसलमान 'जिहाद' नहीं 'इत्तेहाद' चाहते है : दानिश इकबाल‎

‎पटना, 7 अप्रैल। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाजपा और आरएसएस को लेकर दिए गए एक विवादास्पद बयान को लेकर बिहार भाजपा ने जोरदार पलटवार करते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई करने तक की मांग की है।

‎बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, गैर-जिम्मेदाराना और देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के शीर्ष नेता से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती।

‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तुष्टिकरण और समाज को बांटने की राजनीति से बाहर निकलना ही नहीं चाहती। इस प्रकार के बयान न केवल राजनीतिक मर्यादा को गिराते हैं, बल्कि समाज में अविश्वास और तनाव भी पैदा करने का काम करते हैं।

‎उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी को लेकर इस तरह के भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह निंदनीय है। देश की जनता अब ऐसे विभाजनकारी एजेंडे को समझ चुकी है और इसका लोकतांत्रिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब देगी।

‎बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने आगे कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि भारत की राजनीति नफरत, डर और भ्रम फैलाकर नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर चलती है। अगर वे इस स्तर की राजनीति करेंगे, तो जनता उन्हें लगातार नकारती रहेगी।

‎उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "यह बयान उनकी मोहब्बत की दुकान है, या नफरत की जुबान। जनता ने जिससे तीन बार चुना है, उन्हें 'जहरीला सांप' कहना और मारने की बात करना, हिंसा फैलाने जैसा ही है। चुनाव में ये हिंसा को भड़काना चाहते हैं। कांग्रेस और मल्लिकार्जुन खरगे इसे चुनाव नहीं 'जिहाद' के तौर पर देखते हैं। ‎उनका यह बयान जिहाद के समर्थन का पर्याय है। "

‎उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को यह पता होना चाहिए कि भारत के मुसलमान 'जिहाद' नहीं 'इत्तेहाद' चाहते है ।

‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में हिंसा फैलाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान से साफ है कि वे हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस आज भी इमरजेंसी वाली स्थितियां बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस बयान के लिए देश से माफी मांगने के लिए कहा।
‎‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान का नकाब उतर चुका है और हिन्दुओं के खिलाफ अब सिर्फ नफरत का ज़हर भरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान देश की बहुसंख्यक आबादी के विरूद्ध उकसावे और हिंसा की ट्रेनिंग है। सवालिया लहजे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान ही क्या राहुल गांधी के मोहब्बत की दुकान है? आखिर तुष्टिकरण और वोटबैंक के लिए कांग्रेस कितना नीचे गिरेगी।
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