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प्रकृति के अनोखे रंग

प्रकृति के अनोखे रंग

अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )
बिहार

मानव देख दंग रह जाए ,
प्रकृति के ये अद्भुत ढंग ।
हरे नीले लाल काले पीले ,
ये प्रकृति के अनोखे रंग ।।
उजले संतरे बैंगनी भाए ,
इंद्रधनुष रंग सात दिखाए ।
मैरुन भूरा आसमानी देख ,
मन को कैसा देता हर्षाए ।।
गोरे काले साॅंवले भी रंग ,
लोभी क्रोधी ईर्ष्यालु रंग ।
सारे के सारे प्राकृतिक रंग ,
जीने का सलीका रंग ढंग ।।
रंगों की यहाॅं कमी नहीं है ,
कौन सा रंग जमीं नहीं है ।
दुनिया में सारे रंग रंगीले ,
रंगों में कहीं नमी नहीं है ।।
हर रंगों के होते रंग अपने ,
रंगों के रंग रगों में समा है ।
कहीं रंग भंग करे समा को ,
कहीं रंग बाॅंधता समा है ।।
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