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सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ की बिहार प्रदेश इकाई का सम्मेलन

सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ की बिहार प्रदेश इकाई का सम्मेलन

  • सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ की बिहार प्रदेश इकाई द्वारा श्लोक प्रतियोगिता आज धार्मिक नगरी गयाजी मे उदगार एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के बगल में स्थित शगुन गेस्ट हाउस के सभागार में आयोजित उक्त सम्मेलन का शुभारम्भ भगवान भास्कर और विद्यादायिनी माता सरस्वती के चित्रों के समक्ष अरुण कुमार मिश्र"मधुप" के आचार्यकत्व में राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय,मुख्य अतिथि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के वेद विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ पतंजलि मिश्र,विशिष्ट अतिथि कमलेश पुण्यार्क,डॉ रामकृष्ण मिश्रा,नागेंद्र पाठक भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त और राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंदन मिश्रा ने वेद मन्त्रों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया।
सभा की अध्यक्षता बिहार प्रदेश के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय ने किया।भीड़ भरे सम्मेलन में छोटे बच्चों के बीच संस्कृत श्लोक की प्रतियोगिता आयोजित की गई और उन्हें उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत भी दिया गया।इस अवसर पर डॉ हरिनंदन मिश्रा द्वारा लिखित पंछरही नामक पुस्तक का मंचासीन विभूतियों द्वारा विमोचन किया गया।कार्यक्रम में सुश्री डॉ अनुराधा मिश्रा को महासंघ की महिला मोर्चा का बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।इसके बाद उन्हें माला पहनाकर शुभकामनाएं दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के वेद विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ पतंजलि मिश्र ने कहा कि जो व्यक्ति शास्त्र के नियम के अनुसार चलता है वही महान होता है।उन्होंने कहा कि ज्ञान दो तरह के होते हैं।एक सूचना परख और दूसरा ज्ञान परख।इसमें जो व्यक्ति क्रियावान होते हैं सचमुच वही विद्वान हैं।डॉ मिश्रा ने कहा कि समाज में बहुत सारे योग्य लोग हैं जिन्हें ढूंढ कर निकलना होगा और उन्हें समाज के हित में संगठन की जिम्मेदारी देनी होगी।उन्होंने कहा कि गयाजी में कई संगठन द्वारा समाज हित में कई धर्मशालाएं बनाई गई हैं। इसलिए इस संगठन द्वारा भी एक अच्छे धर्मशाला का निर्माण गयाजी में किया जाना चाहिए।कई पुस्तकों के लेखक और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कमलेश पुण्यार्क ने कहा कि ब्राह्मणों का संस्कार बिगड़ रहा है।यदि संस्कार चला गया तो सब चला जायेगा।इसलिए बच्चों को संस्कृत और संस्कृति का ज्ञान देना बहुत जरूरी है।इसके लिए इसमें युवा वर्ग को आगे आने का उन्होंने आह्वान किया।डॉ सच्चिदानंद प्रेमी ने कहा कि संस्था को चलाने के लिए कोष की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आजकल शादी के बारात में महिलाएं नृत्य करती है जो संस्कार के विरुद्ध है।इसलिए इसे बंद किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि विचार और शक्ति में संयम होना चाहिए।उन्होंने कहा कि पूर्वजों की जयंती मनाना भी समाज के हित में है।डॉ रामकृष्ण मिश्रा ने कहा कि संस्कृत के श्लोक का उच्चारण शुद्ध रूप से किया जाना चाहिए।श्री हरिनंदन मिश्रा ने संस्कृत के विकास पर बल देने का आह्वान किया। सेवानिवृत्ति प्रशासनिक अधिकारी नागेन्द्र पाठक ने कहा कि समाज में संस्कार और संस्कृति की रक्षा ब्राह्मण ही कर सकता है जो कि उनका दायित्व बनता है।उन्होंने आह्वान किया कि घर में बच्चों को एक घंटा प्रतिदिन संस्कृत जरूर पढ़ाये और जितने बच्चे घर में हैं, उनमें सबों को अलग-अलग विषय की जानकारी दें। इस अवसर पर झारखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार एवं महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम पाठक को तथा गढ़वा जिलाध्यक्ष विनोद पाठक को अंग वस्त्र और भगवान विष्णु के पद चिन्ह का चित्र देकर सम्मानित किया गया।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने लोगों का आह्वान किया कि देश के सभी स्वजातीय संगठन एक सूत्र में आवें और सामाजिक कुरीतियों को मिलजुल कर दूर करें। समाज में कई तरह की कुरीतियां है। हम लोगों को मिलजुल कर इन कुरीतियों का समाधान निकालना चाहिए।श्री उपाध्याय ने कहा कि आगामी 18 एवं 19 जुलाई को गढ़वा में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।जिसमें आप सभी लोग सादर आमंत्रित हैं।आरा से आए हुए रामेश्वर मिश्र, अरवल से विनोद उपाध्याय,गया से वीरेन्द्र पाठक,जहानाबाद से सुनील मिश्रा,सचिव रघुवंश मिश्रा,कर्मकांडी सुनील पाठक,समाजवादी लोक परिषद के संस्थापक हिमांशु शेखर मिश्र,संज्ञा विवाह मंच के सचिव विजय चक्रवर्ती,महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र सहित कई लोगों ने सम्बोधित किया।सभी अतिथियों को अंग वस्त्र और भगवान विष्णु के पद चिन्ह का चित्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलनका संचालन बहुत ही विद्वता पूर्ण ढंग से महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा ने किया।धन्यवाद ज्ञापन बिहार प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय ने किया और आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।श्लोक प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागी :
प्रथम - पार्थ कुमार मिश्र
द्वितीय - अभिनव मिश्र
तृतीय - श्रेष्ठा उपाध्यायचतुर्थ - शांभवी
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