“उजाले की ओर”
✍️ डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश"उजालों की शिला लेकर जगाता हर कोई,
अँधेरों से स्वयं लड़कर बनाता हर कोई।
समय अब हर्ष का है, जीवन सजाता हर कोई,
हर इक क्षण को हँसकर ही बिताता हर कोई।
मिले पंखों को जिनके, नभ को पाता हर कोई,
लकीरों की हदों को लाँघ जाता हर कोई।
पहाड़ों में भी अब तो स्वर सुनाता हर कोई,
पंछियों के साथ मिल गुनगुनाता हर कोई।
हवा को कौन बाँधे-यह बताता हर कोई,
धार बनकर पथ नया खुद ही बनाता हर कोई।
'राकेश' अब निराशा दूर भगाता हर कोई,
हृदय में दीप आशा का जलाता हर कोई।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews