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द्वितीय दिवस पर विचार-मंथन, सम्मान एवं संकल्प के साथ आचार्य कुल झारखंड प्रांत अधिवेशन 2026 संपन्न

द्वितीय दिवस पर विचार-मंथन, सम्मान एवं संकल्प के साथ आचार्य कुल झारखंड प्रांत अधिवेशन 2026 संपन्न
दिनांक: 30 अप्रैल 2026 | स्थान: वाई बी एन विश्वविद्यालय, रांची

द्वितीय दिवस पर विचार-मंथन, सम्मान एवं संकल्प के साथ आचार्य कुल झारखंड प्रांत अधिवेशन 2026 संपन्न

रांची स्थित वाई बी एन विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित द्विदिवसीय आचार्य कुल झारखंड प्रांत अधिवेशन 2026 का द्वितीय दिवस आज अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. रामजी यादव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि *शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पुनर्निर्माण का आधार है।*
दिवस भर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं वैचारिक सत्रों में *स्वस्थ समाज रचना: दशा एवं दिशा* विषय पर गंभीर एवं सारगर्भित चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने शिक्षा में संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं शिक्षक की केंद्रीय भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश ने अपने संबोधन में महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए कहा कि:
जुलाई 2026 में आचार्य कुल रांची जिला का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।
राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में ‘विनोबा भावे विचार सेल’ का गठन किया जाएगा, जिससे मूल्यपरक एवं नैतिक शिक्षा को सुदृढ़ किया जा सके।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि *वाई बी एन विश्वविद्यालय, रांची झारखंड का पहला संस्थान है, जहां ‘विनोबा भावे विचार सेल’ की स्थापना की गई है। यह पहल राज्य के अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।*
अधिवेशन के समापन सत्र में पुरुषोत्तम कुमार, डॉ. रूपसी कुमारी, डॉ. रुद्र कांत मिश्रा एवं डॉ. सुबोध कुमार ने अपने विचार रखते हुए शिक्षा में नैतिकता, अनुशासन एवं सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया और उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया।
आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष आचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद ने द्विदिवसीय अधिवेशन का सार निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया। वहीं झारखंड प्रभारी डॉ. कुमार रंजन ने अधिवेशन की सफलता के विभिन्न आयामों एवं आयोजन की बारीकियों को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के अंत में अधिवेशन में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जो सभी के लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षण रहा।
सफल आयोजन में सहभागिता
अधिवेशन में राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दो दिवसीय इस अधिवेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा, नवीन विचार एवं ठोस संकल्प प्रस्तुत किए। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक विमर्श का सशक्त मंच बना, बल्कि समाज के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित हुआ।

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