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विकास को गति देने में SDG के साथ योजनाओं का समन्वय जरूरी

विकास को गति देने में SDG के साथ योजनाओं का समन्वय जरूरी

पटना, 19 मार्च 2026
योजना एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि राज्य की विकास योजनाओं का SDGs के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है, जिससे समावेशी, सतत एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2017 में SDG विजन दस्तावेज तैयार कर सभी विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को SDGs के लक्ष्यों से जोड़ा है। राज्य स्तर पर 334 संकेतकों का एक व्यापक ढांचा विकसित किया गया है, जिससे योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार ने SDG संकेतकों के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 162 प्रमुख संकेतकों के विश्लेषण में लगभग 72 प्रतिशत संकेतकों में सुधार हुआ है, जो राज्य की मजबूत नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 15 SDGs में से 8 लक्ष्यों पर राज्य संतोषजनक प्रगति कर रहा है, जबकि अन्य लक्ष्यों पर भी निरंतर प्रयास जारी हैं।

उन्होंने राज्य की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का SDG स्कोर वर्ष 2018 के 48 से बढ़कर 2023-24 में 57 हो गया है। स्वच्छ जल एवं स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में बिहार ने 98 अंक प्राप्त कर देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही राज्य ने बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी लाते हुए लगभग 2.25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।

आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जीएसडीपी वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में 13.1 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य के आर्थिक सशक्तिकरण का संकेत है।

डॉ. विजयलक्ष्मी ने लैंगिक समानता (SDG-5) के क्षेत्र में राज्य की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जीविका, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, तथा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2017-18 के लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 32 प्रतिशत तक पहुंच गई है। साथ ही महिलाओं की वित्तीय एवं सामाजिक भागीदारी में भी व्यापक सुधार हुआ है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में राज्य सरकार साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण को और मजबूत करेगी तथा जेंडर बजटिंग को SDGs के साथ जोड़कर नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाएगी। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी नवाचार और जन-जागरूकता के माध्यम से बिहार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला से प्राप्त सुझाव एवं अनुभव राज्य के विकास प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा बिहार को SDGs की प्राप्ति में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।
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