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खेले होली हम

खेले होली हम


आ जाना आ जाना
खेलने होली आ जाना।
आ जाना आ जाना...।।


जब याद करे तेरा यार
चले आना होली पर।
फिर मिलकर खेलेंगे होली
बस तुम्हारे ही संग।
जब दिल करे तुमको याद
चले आना मिलने को।
आ जाना आ जाना..।।


जब बजने लगे होली गीत
और उड़ने लगे रंग गुलाल।
जब दिल हो जाए व्याकुल
तो रंग लेकर आ जाना।
फिर मिलकर दिलसे हम
खेलेंगे होली तेरे संग।
आ जाना आ जाना...।।


जब धड़कने बढ़ने लगे
और दिल तेरा डोल उठे।
फिर रंगों की पड़े फुहार
और दिल तड़प उठे।
ऐसे में फिर तुम यार
चले आना खेलने होली।
आ जाना आ जाना...।।


जब नींद सताये दिन रात
और सपने करने लगे तंग।
दिल की पीड़ा बढ़ जाये
और मौसम करने लगे तंग।
ऐसी हालत में प्रिये तुम
चले आना मिलने।
आ जाना आ जाना
खेलने होली आ जाना।
आ जाना आ जाना...।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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