खता किसकी है
संजय जैनमोहब्बत हम कर तो बैठे है।
परंतु करने का तरीका नही पता।
नहाना तो समुंदर में चाहता हूँ।
पर तैरना बिल्कुल आता नही।।
शाम-ऐ तो बहुत रंगीन होती है।
जिसमें मोहब्बत हसीन दिखती है।
ऐसा किताबों में पढ़ रखा है।
परंतु आज उसे देख लिया है।।
रातों में वो ही वो दिख रही है।
जिसमें उसकी क्या खता है।
दर्द और तड़प मुझे हो रहा है।
अखिकार वो मेरी कौन है।।
नदी तालाब समुंदर में नशा है।
तो मोहब्बत एक एबादत क्यों है।
मिलन की रात को तो देखो।
इतनी लम्बी और हसीन क्यों हो गई है।।
जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews