शहीद की मंगेतर,देश प्रेम की अधूरी कहानी
कुमार महेन्द्रतन मन नव यौवन श्रृंगार,
अंतःकरण पुनीत कामनाएं ।
आशा उमंग उल्लास अथाह,
चितवन मृदुल मधुर भावनाएं ।
कल्पना अंतर परिणय अल्पना,
पुलकित भोर सांझ सुहानी ।
शहीद की मंगेतर, देश प्रेम की अधूरी कहानी ।
हर पल प्रणय अभिलाष,
मिलन हेतु सौम्य तत्पर ।
नयन वसित प्रियतम छवि,
हर पल प्रिय दर्शन आतुर ।
चाहना सिंदूर सजे मांग,
पर कुंवारी रही प्रीत रवानी ।
शहीद की मंगेतर, देश प्रेम की अधूरी कहानी ।।
दिवस छटा अद्भुत अनुपम,
नैसर्गिक दृश्य मनभावन ।
वीर गाथा बखान सर्वत्र,
नयन पटल निर्झर सावन ।
कामना सेहरे संग झलक,
पर तिरंगी कफन सजी जवानी ।
शहीद की मंगेतर, देश प्रेम की अधूरी कहानी ।।
तोड़ दिया प्रणय पावन अनुबंध,
लिख दी शहादत अमर गाथा ।
अंतिम सांस तक मातृभूमि प्रेम,
चमका दिया मां भारती माथा ।
धरा गगन शहीद जय जयकार,
खड़ी प्रीत मझधार,विरह की महारानी ।
शहीद की मंगेतर, देश प्रेम की अधूरी कहानी ।।
कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews