Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

समाज बेहाल...

समाज बेहाल...

संजय जैन "बीना" मुंबई


कुछ लोगों ने समाज को
स्वार्थ के लिया.. भेट चढ़ा दिया।
जमी जमाई व्यवस्था का
सत्यानाश इन्होनें कर दिया।
दोष अपनों का ज्यादा है
क्योंकि पहले वो स्वर्थी थे।
जो सब कुछ अपने अनुसार
बिना सहमति करते रहते थे।।


अब अपनी करनी का फल
खुद ही झेल रहे है।
क्योंकि दो स्वार्थीयों की
जंग जो चल रही है।
जिसके कारण समाज का
बिखराव बहुत हो रहा है।
अब औपचारिकताएं समाज में
लोगों के दिल में बची है।।


जब तक संगठित रहोगे
देश गाँव में बचे रहोगे।
जिस दिन संगठन टूटेगा
आपके समाज का नाम..।
इसलिए निस्वर्थः भाव को
अपने दिलों में जगाये।
और अपने समाज को
ऐसे लोगों से बचायें।।


तिनका-तिनका जोड़कर देखो
कैसे नये शहर में स्थापित हुए।
धीरे-धीरे मेल मिलाप करके
आपस में संगठित होने लगे।
फिर एक ढंचा एक मंच पर
निस्वर्थः भाव से सब जुड़ गये।
देखते-देखते समाज का संघ
शहर गाँव में स्थापित कर लिये..।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ