गुलाब का फूल,प्रणय का प्रतिनिधि
कुमार महेंद्रनेह अभिव्यक्ति परम सेतु,
प्रशंसा प्रस्तुति आधार ।
मृदुल मधुर हृदय तरंग,
प्रिय मिलन स्वप्न साकार ।
अंतरंग शुभ मंगल कामना,
प्रीत जन्य मोहक विधि ।
गुलाब का फूल,प्रणय का प्रतिनिधि ।।
जीत खुशी स्नेह प्रेम सह,
सद्भाव उत्सर्ग व्यंजना ।
संचरण अथाह हर्ष उमंग,
समूल हरण कष्ट वेदना ।
प्रेम_निवेदन सम निखार,
संबंध पटल अपनत्व रिद्धि ।
गुलाब का फूल,प्रणय का प्रतिनिधि ।।
प्रीति ज्योत अंतर पटल,
चाह राह श्री अभिनंदन ।
शब्द परे संवाद साध्य,
उरस्थ अनुराग मंडन ।
स्वीकृति सदा आनंद प्रद,
मर्यादा परंपरा संस्कृति निधि ।
गुलाब का फूल,प्रणय का प्रतिनिधि ।।
इतिहास मनोरमा अद्भुत,
रम्य आकर्षण अठखेलियां ।
मीत रीत नव पथ प्रशस्त,
स्पर्श अवसर हित पहेलियां ।
उत्तम मनहर सौम्य छटा,
प्रेम साधना शिखर सिद्धि ।
गुलाब का फूल,प्रणय का प्रतिनिधि ।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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