Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

दिल की आदत

दिल की आदत

न लगे दिल अगर
प्यार मत कीजियें।
दिलको तकलीफ में
आप मत डालियें।
देखना एक दिन
प्यार हो जायेगा।
दिलमें फिर फूल सा
प्यार खिल जायेगा।।


आज माना की मैं
हूँ अकेला बहुत।
दिलमें फिर भी हमारे
दीप जलते है।
एक दिन तन्हाईयाँ
रंग लायेगी जरूर।
रंग मोहब्बत का कोई
इसमें भर देगा।।


बहुत सुना और पढ़ा था
प्यार मोहब्बत के बारे में।
जिसमें दिलसे पहले
आँखे मिल जाती है।
जिसके कारण ही
मन भटकने लगता है।
प्यार का बीज दिलमें
अंकुरित होने लगता।।


प्यार होता प्यार से
दिल मिलते है दिलसे।
दर्द दिलको होता है
रोती है आँखे पर।
बेंचैनी दोनों को
होने लगती बहुत।
प्यार मोहब्बत में ये
होना निश्चित है।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ