Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

हौसलों की उड़ान

हौसलों की उड़ान

अरुण दिव्यांश
भर लो तुम नभ रण में ,
हौसलों की ऊॅंची उड़ान ।
हौसला कभी कम नहीं ,
आने न पाए ये थकान ।।
भूलना न हैसियत निज ,
धरणी पे हैं तेरे मकान ।
नशा हो शीर्ष चढ़ने का ,
नशा नहीं हो मद्यपान ।।
कर्म नशा जीवन सॅंवारे ,
मद्यपान जीवन डूबाता ।
कर्मनशा लाता शिखर ,
मद्यपान नहीं है भाता ।।
मर जाना मिट जाना पर ,
उड़ान तू करना न कम ।
चढ़ते चढ़ते रुक जाएगा ,
गर हो जाएगा तू नम ।।
हौसला हो यह नम नहीं ,
उड़ान हो यह कम नहीं ।
तुम्हें कोई भी पछाड़ दे ,
दुश्मन में भी दम नहीं ।।


पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ