Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

बिहार विधानसभा में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला संबोधन, विकसित बिहार के संकल्प को किया दोहराया

बिहार विधानसभा में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला संबोधन, विकसित बिहार के संकल्प को किया दोहराया

  • बदली हुई बिहार की छवि, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन और बिहार के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार के विकास के संकल्प का परिणाम है।
  • यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुआई में और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में 2047 में भारत भी विकसित होगा, बिहार भी विकसित होगा और बिहार अपना पुराना गौरव पुनः प्राप्त करेगा।
  • आज जिस प्रकार से उन्हें अभिभावक समान सदन के सदस्यों का जो आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके लिए वह पूरे सदन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
  • पहले बिहार के लोगों के लिए किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया जाता था, यह हम सब जानते हैं लेकिन यदि आज बिहार देश और दुनिया में सम्मान प्राप्त कर रहा है, तो इसके पीछे पिछले 20 वर्षों में एनडीए की सरकार में बिहार की बदली हुई छवि है।
  • आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सेवा के भाव से कार्य किया और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने सुशासन की प्रक्रिया को बिहार में धरती पर उतारा और यह दिखाया कि किस प्रकार एक पारदर्शी सरकार दी जा सकती है।
  • राजनीति में सच्ची सफलता तभी मानी जा सकती है, जब व्यक्ति के न रहने पर भी लोग उसी भाव से उसे याद करें। मैंने अपने पूज्य पिताजी की सेवा भावना से ये सीखा है।
  • बिहार को तो लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, उस लोकतंत्र की जननी के रूप में इस विधानसभा का योगदान हमेशा बहुत बड़ा रहा है और आगे भी रहेगा।
  • मैं आज सदन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और सदन के अध्यक्ष जी को यह विश्वास दिलाता हूं कि इस सदन के सदस्य के रूप में भाजपा और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने मुझे जो दायित्व सौंपा है, उसे अपनी बदली हुई भूमिका के बावजूद बिहार के विकास के लिए मैं पूरी निष्ठा से अपनी भूमिका का निर्वहन करता रहूँगा।
  • मैं अपने सभी साथियों से आग्रह करूंगा कि सब मिलकर यह समझें कि वे बिहार की एक टीम हैं, चाहे सत्ता में हों या विपक्ष में, क्योंकि यदि बिहार की छवि बड़ी होती है तो उसका सम्मान सभी को मिलता है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण के पश्चात आदरणीय भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने आज मंगलवार को पहली बार बिहार विधानसभा की कार्यवाही में भाग लिया और सदन में अपना संबोधन दिया। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए अपने राजनीतिक अनुभव, सदन की गरिमा और बिहार के विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। श्री नवीन ने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार के विकास की गाथा का जिक्र करते हुए कहा कि बदली हुई बिहार की छवि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सदन, पार्टी नेतृत्व और एनडीए के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्य के विकास के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

श्री नितिन नवीन ने कहा एक विधायक के तौर पर मेरा लगभग 20 वर्षों का सार्वजानिक जीवन रहा है। इस पूरे सफर में सभी के साथ मिलकर कार्य करने का अवसर मिला। आज जिस प्रकार से उन्हें अभिभावक समान सदन के सदस्यों का जो आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके लिए वह पूरे सदन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने सदन में बिहार के उप-मुख्यमंत्री द्वय श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा, वरिष्ठ मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी, बिहार सरकार में मंत्री और बिहार विधानसभा में जेडीयू के मुख्य सचेतक श्री श्रवण कुमार, श्री राजू तिवारी, श्री महबूब आलम, विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र नारायण यादव सहित पूरे सदन और सभी साथियों को प्रणाम किया और सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मैंने सदन में आने के बाद से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को निरंतर कार्य करते हुए देखा है। राजनीति की दृष्टि से जब नए लोग राजनीति में आते हैं, तो एक ओर वे अपनी पार्टी के विचारों के साथ आते हैं और दूसरी ओर जनता के बीच से मिला जनादेश भी अपने साथ लाते हैं। जनता का मत मिलने के बाद अनेक मुद्दों के साथ उनसे जुड़ाव होता है, लेकिन उन मुद्दों के साथ अपने विचारों को लेकर आगे बढ़ने की कला इस सदन में आने के बाद सीखने को मिलती है। किस प्रकार अपने विषयों को उठाया जाए, अनुशासन की गरिमा बनाए रखी जाए और साथ ही जनता की आवाज बनकर भी सदन में बैठा जाए, इन तीनों विषयों को साथ लेकर एक विधायक के रूप में यहां बैठा जाता है और सदन की गरिमा कैसे बढ़े, इसकी भी चिंता की जाती है। मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को कई अवसरों पर ऐसा करते देखा है। वर्ष 2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से लेकर मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार पूरे बिहार की छवि को बदला है, उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

श्री नवीन ने कहा कि श्री विजय कुमार चौधरी जिन शब्दों का उल्लेख कर रहे थे, वैसा ही अनुभव मैंने भी बिहार से बाहर पढ़ाई के दौरान किया था। पहले के कालखंड में बिहार के लोगों के लिए किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया जाता था। यह बात मैंने सत्ता या विपक्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक छात्र के रूप में अनुभव की थी। उस समय से लेकर आज, जब वर्ष 2026 में जब वे खड़े हैं, तो कहीं न कहीं यह महसूस होता है कि यदि आज बिहार देश में सम्मान प्राप्त कर रहा है, तो इसके पीछे पिछले 20 वर्षों में बिहार की बदली हुई छवि है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मुझ पर भरोसा किया, ये मेरे लिए बड़े ही सम्मान की बात है। मैं मानता हूं कि इस सदन में पूर्व के कई ऐसे वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिन्होंने बिहार को अनेक गरिमामय क्षण प्रदान किए हैं। कुछ ऐसे लोग आज साक्षात रूप से मेरे सामने उपस्थित हैं और जो नेतृत्व आज हमारे सामने है, उससे प्रेरणा लेनी चाहिए। जहां आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सेवा के भाव से कार्य किया, वहीं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने सुशासन की प्रक्रिया को सरकार में रहते हुए पूरी तरह से लागू करने का कार्य किया और यह दिखाया कि किस प्रकार एक पारदर्शी सरकार दी जा सकती है। जिस परिस्थिति से बिहार निकलकर आया था और आज जिस परिस्थिति में हम बैठे हैं, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि यहाँ बैठे सभी सदस्यों के लिए यह नेतृत्व अपने आप में ऐसा है, जिससे हमेशा प्रेरणा लेने की आवश्यकता रहेगी।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मेरे पिताजी के निधन के बाद मैं इस सदन का सदस्य बना। मैं यह बात कई अवसरों पर कह चुका हूं कि राजनीति में आने से पहले मुझे यह समझ नहीं थी कि राजनीति में आने के बाद एक व्यक्ति समाज में कितना बड़ा स्थान प्राप्त कर लेता है। जिस भाव से जनता किसी जनप्रतिनिधि को देखती है, उसका अनुभव मैंने अपने पिताजी के जीवन में देखा, जब लोग उनके हाथ पकड़कर मिलते थे और भावुक होकर रोने लगते थे। उस समय मुझे यह समझ नहीं आता था कि सामने वाला व्यक्ति इतना भावनात्मक क्यों हो रहा है और उसकी भावना किस प्रकार से जुड़ी हुई है। पिछले 20 वर्षों में मैंने हमेशा यह ध्यान रखा कि अपने पिताजी की छवि के अनुरूप ही स्वयं को आगे लेकर चल पाऊं। आज के सभी जनप्रतिनिधियों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे जनता के साथ उसी लगाव और भावना के साथ जुड़ें, ताकि जब वे स्वयं उपस्थित न भी हों, तब भी उनके कार्यों की चर्चा के समय जनता के मन में उनके प्रति वही भावना बनी रहे। राजनीति में सच्ची सफलता तभी मानी जा सकती है, जब व्यक्ति के न रहने पर भी लोग उसी भाव से उसे याद करें।

श्री नवीन ने कहा कि सदन की हर छोटी-बड़ी घटनाओं से मैंने भी बहुत कुछ सीखा है। सदन में रहते हुए सरकार के पक्ष में विषयों को किस प्रकार उठाया जाए, विधायक के रूप में अपने कार्यों को कैसे आगे बढ़ाया जाए और जब विपक्ष में हों तो विपक्ष की गरिमा के अनुरूप कैसे कार्य किया जाए, हमें इन दोनों ही भूमिकाओं में काम करने का अवसर मिला। अपने राजनीतिक जीवन में इस सदन के कार्यकलापों को देखकर मुझे निरंतर सीखने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह सदन अपने आप में एक ऐसा स्थान है जहां देश और विश्व में लोकतंत्र के इतिहास की बात की जाती है। बिहार को तो लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, उस लोकतंत्र की जननी के रूप में इस विधानसभा का योगदान हमेशा बहुत बड़ा रहा है और आगे भी रहेगा। मैं आज सदन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और सदन के अध्यक्ष जी को यह विश्वास दिलाता हूं कि इस सदन के सदस्य के रूप में भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने मुझे जो दायित्व सौंपा है, उसमें भले ही भूमिका बदली हो, लेकिन विधायक के रूप में रहते हुए राज्य के विकास में जो भी भूमिका निभाई जा सकेगी, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। एनडीए के सभी दलों के नेतृत्व को मुझसे जो भी अपेक्षाएं होंगी, उन्हें मैं पूरा करने का प्रयास करूंगा और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देखे गए 2047 के विकसित भारत के सपने तथा मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी द्वारा बिहार को जिस दिशा में निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है, उस मार्ग पर उनके नेतृत्व में पूरी शक्ति के साथ बिहार को विकास पथ पर और तेजी से आगे ले जाने में अपना पूरा योगदान दूंगा।

माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मैं अपने सभी साथियों से आग्रह करूंगा कि सब मिलकर यह समझें कि वे बिहार की एक टीम हैं, चाहे सत्ता में हों या विपक्ष में, क्योंकि यदि बिहार की छवि बड़ी होती है तो उसका सम्मान सभी को मिलता है। जब वह देश के अन्य राज्यों में जाते हैं तो लोग उन्हें व्यक्तिगत रूप से उस तरह नहीं जानते, लेकिन बिहार के नाम पर जब लोग मिलने आते हैं और जिस भाव से मिलते हैं, उससे यह प्रतीत होता है कि आज बिहार के लोगों को एक जुड़ाव का केंद्र मिला है। मैं पूरा प्रयास करूंगा कि जो सम्मान मुझे मिला है और जो सम्मान पार्टी ने मुझे दिया है, उसके माध्यम से देश भर में रह रहे बिहार के सभी लोगों को जोड़ते हुए बिहार को गर्व और सम्मान का विषय बनाया जाए। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुआई में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में जिस प्रकार पुराने गौरवशाली इतिहास को पुनः वापस लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, उसी क्रम में निश्चित रूप से 2047 में भारत भी विकसित होगा, बिहार भी विकसित होगा और बिहार अपना पुराना गौरव पुनः प्राप्त करेगा।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ