महाशिवरात्रि:शिव शक्ति मिलन महापर्व
कुमार महेन्द्रहिमराज पुत्री संकल्प पथ,
पुनीत अनुपम निराला ।
हृदय बिंदु सुवासित बस,
शिव शंकर त्रिनेत्र वाला ।
त्रिपुरारी वरण कामना हित,
अखंड जप तप वन कर्व ।
महाशिवरात्रि:शिव_शक्ति मिलन महापर्व ।।
शिव शिव जाप स्वर संग,
ब्रह्मांड अथाह गूंजित ।
उरस्थ शुभ मंगल धार,
शब्द अर्थ शिव सिंचित ।
सप्तऋषि वृंद अति पुलकित,
मां गौरा परीक्षा उत्तीर्ण गर्व ।
महाशिवरात्रि:शिव_शक्ति मिलन महापर्व ।।
स्नेहिल मार्गदर्शन कैलाशी,
पर मां अडिग प्रतिज्ञा सिंधु ।
परस्पर तुलना आकलन ,
पुनः सोच विचार निर्णय बिंदु ।
पर उत्तम उत्तर सुन हर ,
मस्त मलंग भाव अथर्व ।
महाशिवरात्रि:शिव_शक्ति मिलन महापर्व ।।
रम्य सौम्य मोहक श्रृंगार,
अद्भुत अनुपम बारात प्रबंधन ।
समदृष्टि रख जीव जगत,
अलौकिक आनंद स्पंदन ।
गगन भाव पुष्प वृष्टित ,
देवता गण संग खुशियां सर्व ।
महाशिवरात्रि:शिव_शक्ति मिलन महापर्व ।।
कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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